सीजी भास्कर, 26 मई : चिरमिरी की धार्मिक फिजा उस समय अचानक सियासी रंग में बदल गई, जब श्रीराम कथा के मंच से जगतगुरु रामभद्राचार्य (Jagadguru Rambhadracharya) ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर तीखा पलटवार कर दिया। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित कथा के नौवें दिन व्यासपीठ से बोलते हुए उन्होंने साफ कहा कि “मुझे हर बात स्वीकार है, लेकिन मेरे जगद्गुरु होने पर सवाल उठाया जाएगा तो मैं चुप नहीं बैठूंगा।”
दरअसल, डॉ. चरणदास महंत द्वारा रामभद्राचार्य (Jagadguru Rambhadracharya) को जगद्गुरु नहीं मानने संबंधी दिए गए बयान के बाद यह प्रतिक्रिया सामने आई। कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में रामभद्राचार्य ने कहा कि “डॉ. महंत को मेरी खुली चुनौती है। वे आएं और मेरे जगद्गुरु होने का परीक्षण कर लें। मैं हर कसौटी पर खरा उतरूंगा।”
उन्होंने कहा कि जगद्गुरु की उपाधि कोई सामान्य बात नहीं होती। इसके लिए शास्त्रों और परंपराओं की कसौटी पर खरा उतरना पड़ता है। “तीन ग्रंथों का भाष्य लिखना अनिवार्य होता है और मैं यह कार्य कर चुका हूं। सभी अखाड़ों का मुझे समर्थन प्राप्त है,” उन्होंने मंच से कहा।
रामभद्राचार्य (Jagadguru Rambhadracharya) यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि “मेरी रामकथा से कुछ लोगों को मिर्ची लग रही है। लेकिन मैं साफ कहता हूं, जो राम से प्रेम करेगा, उसे ही मेरा आशीर्वाद मिलेगा।” उनके इस बयान के बाद पूरा कथा स्थल “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।
अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि “वे दिन मत भूलिए जब निहत्थे रामभक्तों पर लाठियां ही नहीं, गोलियां तक चलवाई गई थीं। हम रामजन्मभूमि आंदोलन के लिए महीनों जेल में रहे। जिन्होंने संघर्ष किया, देश उन्हें जानता है।”
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “अजीत जोगी थोड़े बेहतर नेता थे, लेकिन आज के कुछ नेताओं में संतों के प्रति बोलने की मर्यादा तक नहीं बची है।”
रामभद्राचार्य ने यह भी कहा कि वे 22 भाषाओं में धाराप्रवाह बोल सकते हैं और “ऐसावैसा जगद्गुरु” नहीं हैं। कथा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और उनके हर बयान पर मंच के सामने बैठे लोग तालियों और जयकारों से समर्थन जताते रहे।
चिरमिरी में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने जगद्गुरु होने पर सवाल उठाने वालों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जो राम से प्रेम करेगा, उसे ही उनका आशीर्वाद मिलेगा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और रामजन्मभूमि आंदोलन को लेकर भी तीखे बयान दिए।



