छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में आज एक बार फिर अदालत की चौखट पर हलचल तेज हो गई है। Jaggi Murder Case Hearing को लेकर हाईकोर्ट में विशेष डिवीजन बेंच के सामने सुनवाई तय है। इस केस को लेकर न सिर्फ कानूनी गलियारों में चर्चा है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है।
11 हजार पन्नों की रिपोर्ट, CBI Investigation बनी केंद्रबिंदु
इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा पेश की गई करीब 11 हजार पन्नों की चार्जशीट अब सुनवाई का मुख्य आधार बन गई है। CBI Investigation में कई अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है, जिनमें साजिश, हत्या और घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई है। इसी रिपोर्ट पर अब कोर्ट की पैनी नजर टिकी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद खुला केस, High Court Hearing अहम
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दोबारा हाईकोर्ट में लाया गया है। पहले ट्रायल कोर्ट में कई आरोपियों को सजा सुनाई गई थी, जबकि कुछ को सबूतों के अभाव में राहत मिली थी। अब दोबारा शुरू हुई High Court Hearing इस केस की दिशा तय कर सकती है।
पिछली सुनवाई में समय की मांग, Legal Proceedings में आया मोड़
पिछली तारीख पर एक पक्ष के वकील द्वारा केस से जुड़ी फाइल उपलब्ध न होने की बात कही गई थी, जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश देते हुए संबंधित पक्षों को सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। इस घटनाक्रम के बाद Legal Proceedings और भी संवेदनशील हो गई है।
2003 की घटना, गोलीबारी में हुई थी हत्या
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। जांच में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से कई को दोषी ठहराया गया, जबकि कुछ गवाह बन गए।
जांच में उठे थे सवाल, फिर सीबीआई को सौंपी गई फाइल
प्रारंभिक जांच पर पक्षपात के आरोप लगने के बाद राज्य सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया था। एजेंसी ने अपनी जांच में कई नए तथ्य सामने रखे, लेकिन सबूतों की कमी के कारण कुछ आरोपियों को राहत मिल गई थी।
आज की सुनवाई से तय होगी आगे की राह
अब जब केस एक बार फिर अदालत में है, तो सभी की नजर आज की सुनवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि पुराने साक्ष्यों और नई जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट इस मामले में अहम दिशा तय कर सकता है।


