सीजी भास्कर, 06 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार के ताजा फैसले के बाद शाहजहांपुर की एक ऐतिहासिक नगरी फिर चर्चा (Jalalabad Rename) में आ गई है। लंबे समय से चली आ रही मांग पर मुहर लगने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार के निर्णय के साथ ही इस स्थान की पहचान अब नए नाम से जुड़ जाएगी।
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी आगे की प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े इस फैसले को क्षेत्र के लोगों ने अहम बताया है, क्योंकि काफी समय से इसका नाम बदलने की मांग उठाई जा रही थी।
जलालाबाद का बदला जाएगा नाम Jalalabad Rename
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। फैसले के अनुसार अब जलालाबाद को परशुरामपुरी के नाम से जाना जाएगा। सरकार का कहना है कि यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की ओर से काफी समय से मांग की जा रही थी कि नगर का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखा जाए। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
सरकार ने जारी की जानकारी
सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि शाहजहांपुर जिले की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के कस्बे का पौराणिक और धार्मिक (Jalalabad Rename) महत्व है। विभिन्न ग्रंथों और मान्यताओं में इसे भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में उल्लेखित किया गया है। इसी आधार पर नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
अब होगी नई पहचान
कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब शाहजहांपुर का जलालाबाद आधिकारिक रूप से परशुरामपुरी के नाम से जाना जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही स्थानीय मांग भी पूरी होगी।



