Janjgir Champa : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हत्या के एक मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र चौहान ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला पारित किया। मामला बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम डभराखुर्द का है, जहाँ होली के दिन पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
क्या थी पूरी घटना? (14 मार्च 2025)
लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर के अनुसार, घटना 14 मार्च 2025 की दोपहर करीब 3 बजे की है। प्रार्थी अंकूर वैष्णव और उसका साथी चित्रांशु पटेल ग्राम डभराखुर्द आ रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे राज केंवट और उसके साथियों ने उन्हें रोक लिया।
वारदात का विवरण:
- हमला: पुरानी दुश्मनी को लेकर राज केंवट, भुनेश्वर पटेल, मोहन पटेल, कृष्ण कुमार, दरसराम और दयाराम ने मिलकर बांस के डंडों से हमला कर दिया।
- गंभीर चोट: हमले में चित्रांशु पटेल के सिर पर प्राणघातक वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
- धमकी और लूट: आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। इस गहमागहमी में चित्रांशु का मोबाइल भी गायब हो गया।
- इलाज के दौरान मौत: घायल चित्रांशु को जांजगीर के मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस
प्रार्थी अंकूर वैष्णव की रिपोर्ट पर बिर्रा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था:
- धारा 103 (1): हत्या (मुख्य आरोप)
- अन्य धाराएं: 296, 115(2), 351(2), 191(2), और 109 BNS।
सजा का ऐलान: 3 मुख्य आरोपियों को जेल
न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के गवाहों (धनीराम पटेल और मकर चंद) और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद तीन मुख्य आरोपियों को दोषी करार दिया:
- राज केंवट (19 वर्ष)
- दादूराम पटेल उर्फ भुनेश्वर (23 वर्ष)
- दयाराम पटेल (37 वर्ष)
दंड का स्वरूप: तीनों दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई गई है। साथ ही, प्रत्येक पर 1000-1000 रुपये का अर्थदण्ड (जुर्माना) भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


