सीजी भास्कर, 14 मार्च। उत्तर कोरिया ने एक बार फिर पूर्वी एशिया में तनाव बढ़ा (Japan Emergency Alert) दिया है। शनिवार को जापान की दिशा में संदिग्ध प्रोजेक्टाइल दागे जाने के बाद टोकियो में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया गया। इसके साथ ही दक्षिण कोरिया की सेना भी सतर्क मोड में आ गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक प्रक्षेपास्त्र उत्तर कोरिया के सुनान इलाके से दागे गए और वे पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर गए। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव अब भी बेहद संवेदनशील बना हुआ है। जापान की ओर से जारी प्रतिक्रिया में नागरिक सुरक्षा, समुद्री और हवाई परिसंपत्तियों की सुरक्षा और लगातार सूचना अपडेट पर जोर दिया गया है।
जापान सरकार ने तुरंत जारी किए सुरक्षा निर्देश
लॉन्च के तुरंत बाद जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने आपात प्रतिक्रिया शुरू की। सरकार की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि घटना से जुड़ी हर सूचना तेजी से जुटाई जाए, उसका विश्लेषण किया जाए और जनता तक समय पर पहुंचाई (Japan Emergency Alert) जाए। साथ ही विमान, जहाज और दूसरी अहम परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि टोकियो ने इस लॉन्च को एक गंभीर सुरक्षा चुनौती की तरह लिया, भले ही शुरुआती जानकारी में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।
दक्षिण कोरिया ने कहा, कई मिसाइलें दागी गईं
दक्षिण कोरिया की सैन्य एजेंसियों के अनुसार उत्तर कोरिया ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। बताया गया कि ये मिसाइलें लगभग 350 किलोमीटर तक गईं। जापान की तरफ से यह संकेत मिला कि ये प्रोजेक्टाइल उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरे और फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि प्रक्षेपास्त्रों की संख्या और उनका दायरा यह बताने के लिए काफी है कि यह कोई सामान्य गतिविधि नहीं थी, बल्कि शक्ति प्रदर्शन की ठोस कोशिश थी।
सैन्य अभ्यास के बीच उत्तर कोरिया का यह कदम क्यों अहम है
यह लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपने वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास चला रहे हैं। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों को अपने खिलाफ आक्रमण की तैयारी बताता रहा है और अक्सर ऐसे ही मौकों पर मिसाइल परीक्षण या सैन्य प्रदर्शन करता है। इस बार भी वही पैटर्न दिखा है। इसलिए इस घटनाक्रम को सिर्फ तकनीकी परीक्षण नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामरिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल नुकसान की खबर नहीं, लेकिन सतर्कता बरकरार
अब तक की जानकारी के अनुसार इस लॉन्च से जापान को कोई सीधा नुकसान नहीं (Japan Emergency Alert) हुआ है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। जापान और दक्षिण कोरिया दोनों की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है और आगे के हर संकेत पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि उत्तर कोरिया की हर सैन्य गतिविधि केवल स्थानीय नहीं रहती, बल्कि उसका असर पूरे क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे पर पड़ता है। आने वाले घंटों में यह साफ होगा कि इस पर जापान, दक्षिण कोरिया और उनके सहयोगी देश किस तरह की अगली रणनीतिक प्रतिक्रिया देते हैं।





