सीजी भास्कर, 31 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को जापान और दक्षिण कोरिया की 8 दिवसीय यात्रा से लौटे।
एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया ने छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) और खाद्य प्रसंस्करण की यूनिट स्थापित करने पर सहमति दी है।
इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेश छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोज़गार के अवसर पैदा करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस दौरे के दौरान जापान और दक्षिण कोरिया ने छत्तीसगढ़ में निवेश करने की गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास और रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों देशों के व्यापार संगठनों से भी मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, इसके अनुदान प्रविधानों और राज्य में उपलब्ध बेहतर अधोसंरचना के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में है और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से निवेश हो रहा है, जिसके लिए आर्थिक अनुदान भी दिया जा रहा है।
एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री स्वागत किया गया। पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा एयरपोर्ट परिसर लगभग एक घंटे तक सराबोर रहा।
लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मुख्यमंत्री साय की लोकप्रियता और उनके विदेश दौरे की सफलता को स्वयं ही बयां कर दिया। मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छों से लेकर गजमाला तक से स्वागत किया गया।
10 साल का एक आर्थिक रोड मैप तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ था कि जापान भारत में छह लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा और 10 साल का एक आर्थिक रोड मैप तैयार किया गया है।
इसका एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलने की उम्मीद है, जिससे एआइ, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
जापानी और कोरियन भाषा से पहुंचाई अपनी बात
इस दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जापान के ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो था, जहां छत्तीसगढ़ ने अपना पवेलियन बनाया था।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य था जिसने अपनी पूरी जानकारी जापानी भाषा में दी, जिससे निवेशकों तक अपनी बात पहुंचाने में आसानी हुई।
इसी तरह, दक्षिण कोरिया में भी कोरियन भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे निवेशकों से बेहतर संबंध स्थापित हो पाए।
इस यात्रा के दौरान, दक्षिण कोरिया में आइसीसीके के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत आइसीसीके छत्तीसगढ़ का नालेज पार्टनर बनेगा और उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा।