सीजी भास्कर, 21 फरवरी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिन को समाज के सबसे खास वर्ग बच्चों के साथ मनाकर इसे सेवा और संवेदनशीलता (Jashpur Balak Ashram) का प्रतीक बना दिया। जशपुर जिले के बगिया स्थित बालक आश्रम पहुंचकर मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा, उनसे आत्मीय बातचीत की और उन्हें अपने हाथों से केक तथा चॉकलेट वितरित कर जन्मदिन की खुशियां साझा कीं।
मुख्यमंत्री के आश्रम पहुंचते ही बच्चों में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया। छोटे-छोटे बच्चों ने मुख्यमंत्री का स्वागत आत्मीयता से किया और उनके साथ समय बिताने का अवसर पाकर वे बेहद उत्साहित दिखाई दिए। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों के बीच बैठकर उनसे पढ़ाई, दिनचर्या और उनके सपनों के बारे में बातचीत की, जिससे बच्चों को विशेष अपनापन महसूस हुआ।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन को नई दिशा (Jashpur Balak Ashram) देती है। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य तय करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर बच्चा अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर सकता है।
बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी अंचलों से आते हैं। मुख्यमंत्री ने उनके साथ समय बिताकर उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर दिख रही खुशी इस बात का प्रमाण थी कि मुख्यमंत्री का यह प्रयास उनके लिए अविस्मरणीय बन गया।
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी (Jashpur Balak Ashram) भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि बच्चों के साथ इस तरह का संवाद उन्हें प्रेरणा देने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह जन्मदिन केवल एक औपचारिक अवसर नहीं रहा, बल्कि यह समाज के प्रति उनकी संवेदनशील सोच और बच्चों के भविष्य को लेकर उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।






