सीजी भास्कर, 5 जनवरी। जशपुर जिले के लिए बीते दो वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनकारी साबित (Jashpur Education Development) हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले को ऐसी शैक्षणिक स्वीकृतियाँ मिली हैं, जिन्होंने उच्च शिक्षा, विद्यालयी व्यवस्था और छात्रावास सुविधाओं को नई ऊंचाई दी है। सरकार का फोकस केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने पर केंद्रित रहा है।
छात्रावास और आवासीय सुविधाओं में बड़ा विस्तार
जिले की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 24 नए पोस्ट एवं प्री-मैट्रिक छात्रावास भवनों की स्वीकृति शामिल है। इन भवनों के निर्माण के लिए 41 करोड़ 59 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास मिलेगा और पढ़ाई में आने वाली बाधाएं कम होंगी।
आदिवासी छात्रों के लिए मजबूत शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से फरसाबहार और ढूंढरुडांड में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण हेतु 37 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति (Jashpur Education Development) दी गई है। इन विद्यालयों से आदिवासी बच्चों को आधुनिक शिक्षा, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिलेगा।
उच्च शिक्षा को गांव के करीब लाने की पहल
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी जशपुर को नई दिशा मिली है। मनोरा में शासकीय नवीन महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 4.61 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही करडेगा और फरसाबहार में नए महाविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ हुआ है। इससे अब विद्यार्थियों को कॉलेज शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
स्कूल भवनों और आधुनिक सुविधाओं पर फोकस
विद्यालयी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण हेतु 6 करोड़ 19 लाख रुपये स्वीकृत (Jashpur Education Development) किए गए हैं। इन नए भवनों से बच्चों को बेहतर कक्षाएं, सुरक्षित परिसर और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
इसी क्रम में फरसाबहार में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का शुभारंभ किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को 12वीं तक शिक्षा की सुविधा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी।
समावेशी शिक्षा की दिशा में अहम कदम
सरकार ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी विशेष पहल की है। 1.77 करोड़ रुपये की लागत से आदर्श आवासीय परिसर के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जहां विशेष संसाधनों और सुरक्षित वातावरण के साथ शिक्षा की सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा बगिया और बंदरचूआ उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए 3 करोड़ 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाएं और उन्नत शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
भविष्य में निवेश, सिर्फ इमारतें नहीं
जशपुर में शिक्षा के लिए किए गए ये कार्य केवल निर्माण परियोजनाएं नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य में किया गया दीर्घकालिक निवेश हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता से जशपुर आज “शिक्षा सम्पन्न – भविष्य सुरक्षित” की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।


