सीजी भास्कर, 23 जनवरी। चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर अक्सर चुनौतियों की बात होती है, लेकिन इस बार एक जिले की कार्यशैली चर्चा का विषय (Jashpur Election Award) बन गई है। सीमित संसाधनों और भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद जिस तरह तकनीक को लोकतंत्र से जोड़ा गया, उसने प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तर पर विशेष पहचान बनाई है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जशपुर जिले का चयन “निर्वाचन में तकनीक का प्रभावी उपयोग” श्रेणी में राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन जिला के लिए किया गया है। यह सम्मान जिले में अपनाए गए तकनीक आधारित नवाचारों और सुदृढ़ चुनावी प्रबंधन का परिणाम माना जा रहा है।
निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जशपुर में सूचना प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग (Jashpur Election Award) किया गया। ई-सिस्टम के जरिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण, डिजिटल मॉनिटरिंग, ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल, सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाता जागरूकता और स्वीप गतिविधियों में तकनीकी प्रयोग ने जिले को अन्य जिलों से अलग पहचान दिलाई।
इस उपलब्धि के पीछे कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रोहित व्यास की भूमिका को अहम माना (Jashpur Election Award) जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन कार्य को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी के अभियान के रूप में आगे बढ़ाया। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, निर्वाचन अमला और तकनीकी टीम ने समन्वय के साथ काम किया, जिससे तकनीक सीधे मतदाता से जुड़ सकी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ द्वारा यह राज्य स्तरीय पुरस्कार 25 जनवरी 2026 को रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार, इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में कलेक्टर रोहित व्यास को प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान जशपुर जिले के लिए गौरव का क्षण है और यह साबित करता है कि आदिवासी और पहाड़ी अंचलों वाला जिला भी तकनीक आधारित लोकतांत्रिक नवाचार में मिसाल बन सकता है।




