सीजी भास्कर, 4 दिसंबर। उमरिया के बांधवगढ़ में आज वह दिन रहा जब जंगलों की शांति और कबीर के सबद एक साथ सुनाई दिए। Kabir Mela Bandhavgarh की शुरुआत अगहन पूर्णिमा के अवसर पर हुई और सुबह से ही श्रद्धालुओं का कारवां ताला गेट की ओर बढ़ता दिखा।
लगभग 15 किमी लंबी यात्रा श्रद्धा, अनुशासन और अध्यात्म की ऊर्जा से भरी रही। रपटों के अनुसार पहले ही दिन 5000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए गुफा तक पहुंच चुके हैं, और भीड़ लगातार बढ़ती नजर आई।
कबीरपंथी समाज का विशाल संगम
मेले की खासियत सिर्फ आयोजन नहीं, उसकी विविधता है। इस वर्ष मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में साधक (Kabir Mela Bandhavgarh) पहुंचे। कबीर गुफा से लेकर कबीर चबूतरे तक हर मार्ग पर भजन, निर्गुण धुनें और “साईं इतना दीजिए…” जैसी पंक्तियाँ वातावरण में घुली रहीं। बांधवगढ़ का घना वन क्षेत्र इस समय किसी आध्यात्मिक लोक जैसा प्रतीत हुआ।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और समय आधारित प्रवेश — पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित
एनजीटी गाइडलाइन के अंतर्गत इस बार दर्शन प्रणाली पूरी तरह ऑनलाइन पंजीकरण आधारित रखी गई।
6:00–7:30 AM पंजीयन सत्यापन
7:30–10:30 AM गुफा क्षेत्र में प्रवेश
3:30 PM तक सभी श्रद्धालुओं को ताला गेट लौटना अनिवार्य
इस व्यवस्था ने भीड़ प्रबंधन को संतुलित रखा और प्राकृतिक संवेदनशीलता पर कोई दबाव (Kabir Mela Bandhavgarh) नहीं पड़ा। श्रद्धालुओं ने भी अनुशासन और सहयोग का परिचय दिया।
जंगल, सुरक्षा और पॉलिथिन मुक्त यात्रा — वन विभाग की सतर्क निगरानी
पूरे मार्ग पर वन विभाग की टीम मुस्तैदी से तैनात रही। अधिकारियों ने बार-बार यात्रियों को बताया कि यह क्षेत्र केवल धार्मिक स्थल नहीं, एक जीवंत वन है, जहां हर कदम मायने रखता है। प्लास्टिक के उपयोग पर रोक, कचरा वापस ले जाने की अपील, और रास्तों पर निरंतर निगरानी ने आयोजन को अधिक स्वच्छ और जिम्मेदार बनाया।
कोर ज़ोन तक की चढ़ाई, पगडंडियाँ और पहाड़ी मोड़ों पर विशेष सुरक्षा प्रबंधन देखा गया।
प्रकृति, अध्यात्म और विरासत — यही है Kabir Mela Bandhavgarh की आत्मा
कबीर गुफा तक पहुंचने वाले श्रद्धालु केवल दर्शन नहीं, एक अनुभव लेकर लौटे —
घने वृक्षों की छांव
जंगल की नमी
निशब्दता में गूंजते भजन
और पहाड़ी पर स्थित चबूतरे से बहती आध्यात्मिक शांति
यह मेला सिर्फ यात्रा नहीं, मन से मन का संवाद है — प्रकृति और मनुष्य के बीच, कबीर और समय के बीच।





