सीजी भास्कर, 16 जनवरी। टेहका मार्ग स्थित कामधेनु गौशाला ने गौसेवा के साथ-साथ मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए बेघर हुए निषाद परिवार को न सिर्फ आश्रय (Kamdhenu Gaushala Bhatapara) दिया, बल्कि गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराकर उसे नया जीवन भी दिया। पिछले 17 वर्षों से संचालित इस गौशाला की स्थापना नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल की पहल पर निरीह, सूखी और दुर्घटनाग्रस्त अपंग गायों की सेवा के उद्देश्य से की गई थी,
जहां आज दस एकड़ में फैले परिसर में गायों के लिए बेहतर सुविधाएं, इलाज और देखभाल की व्यवस्था है। गौशाला में पंखे, कूलर सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं और नागरिकों के सहयोग से इसका संचालन किया (Kamdhenu Gaushala Bhatapara) जा रहा है, जिसमें समय-समय पर गोपाल अग्रवाल, मदन अग्रवाल, राकेश उपाध्याय, रमेश शर्मा सहित कई समाजसेवी सहयोग करते रहते हैं, जबकि वृद्ध हो चुके कैलाश अग्रवाल स्वयं प्रतिदिन गौशाला पहुंचकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते हैं।
हाल ही में गोढ़ी गांव से निष्कासित रोहित निषाद अपनी गर्भवती पत्नी राजकुमारी और बच्चों के साथ बेसहारा होकर अपनी पीड़ा सुनाता हुआ सामने (Kamdhenu Gaushala Bhatapara) आया, जिसके बाद कैलाश अग्रवाल के निर्देश पर उसे खोजने का प्रयास किया गया और ठंड में रेलवे स्टेशन पर बैठे परिवार को गोपाल गोयल द्वारा गौशाला लाकर आश्रय दिया गया।
उसी रात राजकुमारी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, जिससे पूरे गौशाला परिसर में खुशी का माहौल बन गया। इसके बाद निर्देशानुसार निषाद परिवार को गौशाला में रहने के साथ काम से भी जोड़ा गया, वहीं बोल बम समिति के गोपाल गोयल ने बच्ची के जन्म पर मिठाई बांटकर खुशी साझा की और जेठू गोयल ने बच्ची को गोद में लेकर स्मृति स्वरूप फोटो खिंचवाई, जिससे यह घटना गौसेवा के साथ मानवीय संवेदना की मिसाल बन गई।


