सीजी भास्कर, 05 जनवरी। छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुकी कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान एक बार फिर प्रकृति के अनोखे उपहार के कारण (Kanger Valley Green Cave) चर्चा में है। यहां एक नई और दुर्लभ प्राकृतिक गुफा की खोज हुई है, जिसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। यह खोज न केवल पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे क्षेत्रीय विकास और स्थानीय रोजगार को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार की प्राथमिकता में पर्यटन और वन्य धरोहर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन स्थलों और वन्य धरोहरों के संरक्षण-संवर्धन को विशेष महत्व दे रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि ग्रीन गुफा को पर्यटन मानचित्र में शामिल किए जाने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को एक नई पहचान मिलेगी और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कोटुमसर क्षेत्र में स्थित है ग्रीन गुफा
नई खोजी गई यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। यह गुफा चूना पत्थर और शैल संरचनाओं से बनी (Kanger Valley Green Cave) हुई है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गुफा की दीवारों और छत से लटकती स्टैलेक्टाइट्स पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें जमी हुई हैं, जिससे पूरी गुफा हरे रंग की आभा बिखेरती नजर आती है। इसी कारण इसे “ग्रीन केव” कहा जा रहा है।
भीतर जाते ही दिखती है प्राकृतिक भव्यता
ग्रीन गुफा तक पहुंचने का रास्ता बड़े-बड़े पत्थरों और घने जंगलों से होकर गुजरता है। जैसे ही पर्यटक गुफा के भीतर प्रवेश करते हैं, सूक्ष्मजीवी परतों से ढकी हरी दीवारें उन्हें मंत्रमुग्ध कर देती हैं। अंदर एक विशाल कक्ष मौजूद है, जहां चमकदार स्टैलेक्टाइट्स और बहते पानी से बनी फ्लो-स्टोन संरचनाएं दिखाई देती हैं, जो इस गुफा की प्राकृतिक सुंदरता को और भी खास बनाती हैं।
जल्द पर्यटकों के लिए खुलेगी गुफा
वन विभाग द्वारा ग्रीन गुफा की सुरक्षा और नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए पहुंच मार्ग, पैदल पथ और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास का कार्य (Kanger Valley Green Cave) जारी है। सभी तैयारियां पूरी होते ही इस गुफा को आम पर्यटकों के लिए खोलने की योजना है, ताकि लोग इस अनोखे प्राकृतिक चमत्कार का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें।
वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास से जुड़े प्रयासों में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरुण पांडे का मार्गदर्शन अहम भूमिका निभा रहा है।
घने जंगलों के बीच स्थित यह ग्रीन गुफा अपनी विशिष्ट संरचना, जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण आने वाले समय में छत्तीसगढ़ पर्यटन का एक नया और आकर्षक केंद्र बनने जा रही है।


