सीजी भास्कर, 20 मार्च। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा से एक गंभीर बैंकिंग गड़बड़ी का मामला (Kanker Bank Fraud) सामने आया है, जहां एक महिला के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से 9 लाख रुपये गायब हो गए। हैरानी की बात यह है कि शिकायत के करीब 5 महीने बाद भी अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता के अनुसार उसने 16 अक्टूबर 2025 को थाने में लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि उसके फिक्स्ड डिपॉजिट की रकम बिना जानकारी किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दी गई।
इस घटना के बाद से वह लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है, लेकिन अब तक मामला सिर्फ जांच के नाम पर लंबित है।
पुलिस पर टालमटोल के आरोप
पीड़िता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मामले में जानबूझकर देरी की जा रही है।
यह भी आरोप है कि पुलिस समझौते के लिए दबाव बना रही है, जिससे पीड़ित परिवार परेशान है।
बैंक की भूमिका पर भी संदेह
मामले में बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली भी सवालों (Kanker Bank Fraud) के घेरे में है। आरोप है कि इतनी बड़ी रकम का ट्रांसफर बिना ग्राहक की अनुमति के कैसे हो गया।
इससे बैंकिंग सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
5 महीने बाद भी FIR क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिकायत के इतने लंबे समय बाद भी FIR दर्ज क्यों नहीं की गई।
इस देरी से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
SP से शिकायत की तैयारी
पीड़ित परिवार अब जिला पुलिस अधीक्षक (SP) से सीधे शिकायत करने (Kanker Bank Fraud) की तैयारी में है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च स्तर पर न्याय की मांग करेंगे।
मामला तूल पकड़ता हुआ

यह मामला अब धीरे-धीरे तूल पकड़ रहा है और प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


