Kanpur HBTU Students Punishment (कानपुर एचबीटीयू छात्रों की सजा) उस समय चर्चा में आई जब दीक्षा समारोह से ठीक एक रात पहले दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया। गुरुदेव चौराहे पर शुरू हुआ विवाद रमण छात्रावास तक पहुंचा और हाथापाई में बदल गया। इस दौरान दो छात्रों को सिर में चोट लगी और सुरक्षाकर्मियों को हालात काबू करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
11 छात्रों पर कार्रवाई, परीक्षाओं से निष्कासन
प्राथमिक जांच में सात तृतीय वर्ष और चार अंतिम वर्ष के छात्रों को दोषी पाया गया। प्रशासन ने सभी 11 छात्रों को 2025-26 सत्र की मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों से निष्कासित कर दिया। यही नहीं, उन्हें सुधारात्मक सजा के तौर पर 15 दिन तक विश्वविद्यालय परिसर में बागवानी करनी होगी। (Kanpur HBTU Students Punishment)
छात्रावास से भी निकाले गए छात्र
तीन छात्रों — पार्थ वर्मा (मैकेनिकल), अभिनंदन सिंह सेंगर (प्लास्टिक) और अभिषेक (मैकेनिकल) — को पूरे सत्र के लिए छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है। इस दौरान उन्हें कोई शुल्क वापस नहीं मिलेगा।
अनुशासन पर प्रशासन का सख्त रुख
अधिष्ठाता छात्र कल्याण, प्रो. अलक कुमार सिंह ने बताया कि घटना 19 सितंबर को आयोजित दीक्षा समारोह की तैयारियों के दौरान हुई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुशासन को सर्वोपरि मानता है और इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई। अनुशासन समिति की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे के कदम तय होंगे।
नामजद छात्रों की लिस्ट
दोषी छात्रों में तृतीय वर्ष के सुधांशु (केमिकल), निर्भय सिंह (ऑयल टेक्नोलॉजी), शशांक सोनी (प्लास्टिक) और हर्ष मिश्रा (केमिकल) शामिल हैं। वहीं, अंतिम वर्ष के छात्रों में शिवम सिंह (केमिकल), अखिल कुमार सिंह (इलेक्ट्रॉनिक्स), सूरज कुमार सोनकर (केमिकल) और देव चौधरी (इलेक्ट्रिकल) के नाम सामने आए हैं।
संदेश साफ: अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई भविष्य में अन्य छात्रों के लिए चेतावनी है। अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट आने के बाद और सख्त फैसले लिए जा सकते हैं। (Kanpur HBTU Students Punishment)


