सीजी भास्कर, 25 मार्च। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने खुशियों से भरे एक घर को कुछ ही घंटों में मातम में बदल दिया। शादी के 10 साल बाद जिस बेटे के जन्म ने परिवार में खुशियों की लहर दौड़ा दी थी, उसी खुशी के महज 5 घंटे बाद पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई।
बिठूर थाना क्षेत्र के चंद्रिका गांव निवासी शिवनंदन सिंह और उनकी पत्नी जूली लंबे समय से बेटे की चाह में थे। कई वर्षों की प्रतीक्षा और उम्मीदों के बाद आखिरकार उनके घर किलकारी गूंजी। निजी अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए बेटे का जन्म हुआ, जिसके बाद परिवार खुशी से झूम उठा। शिवनंदन ने गांव में सभी को फोन कर खुशखबरी दी, घर पर मिठाइयां बांटी गईं और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।
लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। जिस पिता ने अपने नवजात बेटे को गोद में लेने के सपने देखे थे, वह सपना अधूरा रह गया।
बताया जा रहा है कि पत्नी को आईसीयू में भर्ती किए जाने के बाद शिवनंदन शाम को गांव लौटे थे, ताकि अस्पताल के लिए खाना और जरूरी सामान ला सकें। रात करीब 9 बजे जब वे बाइक से वापस अस्पताल जा रहे थे, तभी बिठूर-मंधना एलिवेटेड हाईवे पर एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शिवनंदन सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से आ रहे चार अन्य वाहन उन्हें रौंदते हुए निकल गए, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सबसे मार्मिक स्थिति यह है कि बेटे को जन्म देने वाली मां अभी आईसीयू में भर्ती है और उसे इस हादसे की जानकारी तक नहीं दी गई है।
पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। बिठूर थाना प्रभारी के अनुसार, परिजनों की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा और हादसे में शामिल वाहनों की पहचान के लिए हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरे पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक परिवार, जिसने वर्षों बाद खुशियां पाई थीं, वह कुछ ही घंटों में बिखर गया – पीछे रह गई सिर्फ यादें, आंसू और अधूरी उम्मीदें।


