सीजी भास्कर, 25 सितंबर। भारतीय बल्लेबाज़ करुण नायर की टेस्ट टीम में वापसी इंग्लैंड दौरे पर हुई थी। लेकिन चार टेस्ट (Karun Nair News) में सिर्फ 205 रन बनाने के बाद उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज की टीम से बाहर कर दिया गया।
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा कि चयनकर्ताओं को करुण से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन मौकों का फायदा नहीं उठाने के कारण देवदत्त पडिक्कल (Karun Nair Test Career Update) को प्राथमिकता दी गई है।
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए करुण नायर की वापसी जितनी उम्मीदों से भरी थी, उतनी ही जल्दी निराशा में बदल गई। बीसीसीआई ने गुरुवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट (Karun Nair News) मैचों की सीरीज के लिए टीम (India vs West Indies Test Squad) का ऐलान किया, लेकिन इस बार करुण का नाम शामिल नहीं किया गया। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए साफ किया कि नायर को मिले मौके उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
करीब 3000 दिनों बाद 33 साल के करुण नायर की भारतीय टेस्ट टीम में वापसी हुई थी। इंग्लैंड दौरे पर उन्हें पांच में से चार टेस्ट (Karun Nair News) खेलने का मौका मिला, लेकिन वे केवल 205 रन ही बना सके। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर महज एक अर्धशतक रहा।
असफलता ने करियर पर खड़े कर दिए सवाल
औसत की बात करें तो उन्होंने 25.62 की मामूली औसत से रन बनाए और भारत के लिए नंबर 3 और नंबर 6 पर बल्लेबाजी की। लगातार असफलता ने उनके करियर पर सवाल खड़े कर दिए। चयनकर्ताओं का मानना है कि लंबे समय तक करुण को बैकअप (India Cricket Selection Committee Decision) देना टीम के हित में नहीं होगा।
टीम चयन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजीत अगरकर ने कहा,
सच कहूं तो हमें करुण से थोड़ा और उम्मीद थी। उन्होंने चार टेस्ट खेले और बस एक पारी की बात हो रही है। दुर्भाग्य से सबको 15-20 टेस्ट देने का मौका नहीं मिल सकता। हमें लगा कि इस समय देवदत्त पडिक्कल टीम के लिए बेहतर विकल्प साबित होंगे।”
चयनकर्ताओं ने करुण की जगह देवदत्त पडिक्कल पर भरोसा जताया है। पडिक्कल पहले भी भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा रह चुके हैं और इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट खेल चुके हैं। हाल ही में लखनऊ में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट में पडिक्कल ने शानदार शतक (Devdutt Padikkal India Test Squad) जड़ा। चयनकर्ताओं का मानना है कि उनकी ताज़ा फॉर्म और तकनीकी परिपक्वता टीम को आने वाले समय में फायदा पहुंचाएगी।
करुण नायर के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं है। 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक लगाने वाले इस बल्लेबाज़ को कभी भारतीय क्रिकेट का भविष्य (Future of Karun Nair in Indian Cricket) माना गया था। लेकिन अब उन्हें घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाकर ही वापसी का हकदार साबित करना होगा।





