सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। टीम इंडिया से बाहर चल रहे करुण नायर (Karun Nair Ranji Trophy 2025) ने अपने बल्ले से एक बार फिर यह साबित कर दिया कि फॉर्म अस्थायी होती है, क्लास नहीं। रणजी ट्रॉफी 2025-26 के दूसरे मुकाबले में कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज करुण नायर ने गोवा के खिलाफ शानदार शतक जमाया। उन्होंने शिमोगा के केएससीए नवुले स्टेडियम में खेले जा रहे मैच की पहली पारी में नाबाद 174 रन की धमाकेदार पारी खेली।
267 गेंदों में जड़े 174 रन, 25वां फर्स्ट क्लास शतक
करुण नायर ने अपनी पारी में 267 गेंदों का सामना किया, जिसमें 14 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का 25वां शतक था। पहले दिन (25 अक्टूबर) ही उन्होंने शतक पूरा कर लिया था और दूसरे दिन दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन टीम के आखिरी बल्लेबाज विद्वथ कावेरेप्पा के रन आउट होते ही कर्नाटक की पारी 371 रनों पर सिमट गई। इससे पहले सौराष्ट्र के खिलाफ मुकाबले में भी करुण ने 73 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, जिससे उनका फॉर्म पहले से ही शानदार चल रहा था।
टीम इंडिया से बाहर, लेकिन लय बरकरार
हाल ही में करुण नायर को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी। वो आखिरी बार इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया का हिस्सा रहे, जहां उन्हें विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद नंबर-3 पर मौका मिला था। हालांकि, चार टेस्ट मैचों में वह केवल 205 रन ही बना सके और औसत 25.62 रही। कई पारियों में अच्छी शुरुआत करने के बावजूद वह बड़ी पारी में बदल नहीं पाए।
वापसी की उम्मीद जिंदा
गोवा के खिलाफ उनकी यह शानदार पारी (Karun Nair Ranji Trophy 2025) यह दिखाती है कि करुण अभी भी वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्हें साउथ अफ्रीका-ए के खिलाफ होने वाले चार दिवसीय मैचों के लिए इंडिया-ए टीम में शामिल नहीं किया गया, जिससे यह साफ है कि चयन समिति फिलहाल अन्य खिलाड़ियों को मौका दे रही है।
चयनकर्ता अजीत अगरकर ने क्या कहा था
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने इंग्लैंड दौरे के बाद कहा था, हमने करुण नायर से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की थी। देवदत्त पडिक्कल हमें ज्यादा विकल्प देते हैं। हम हर खिलाड़ी को 15-20 मौके देना चाहते हैं, लेकिन यह हमेशा संभव नहीं होता। करुण की यह पारी हालांकि चयनकर्ताओं को एक जवाब की तरह है, उन्होंने रन बनाकर यह दिखाया है कि वो अब भी टीम इंडिया के लिए तैयार हैं। यह पारी सिर्फ रन नहीं, बल्कि एक बयान है कि करुण नायर जैसे अनुभवी बल्लेबाज को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनकी बल्लेबाजी ने साबित किया कि यदि लगातार मौके मिले, तो वे एक बार फिर भारतीय क्रिकेट के शीर्ष स्तर पर जगह बना सकते हैं।


