सीजी भास्कर, 29 सितंबर। तमिलनाडु के करूर में शनिवार को हुई त्रासदी ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। अभिनेता (Karur Stampede) से नेता बने और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख जोसफ विजय की रैली में भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि लोग सुबह से बिना भोजन-पानी के रैली स्थल पर इंतजार कर रहे थे और विजय कई घंटे देर से पहुंचे। हालात बिगड़ने पर लोग बेचैन हो उठे और भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया।
डीजीपी जी. वेंकटरमन ने बताया कि आयोजकों ने लगभग 10,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया था, लेकिन करीब 27,000 लोग वहां इकट्ठा हो गए। उन्होंने स्वीकार किया कि भीड़ प्रबंधन में गंभीर चूक हुई। रविवार को घटनास्थल पर टूटे खंभे, फटे झंडे, बिखरे जूते-चप्पल और कचरे का ढेर इस हादसे की कहानी बयां कर रहे थे।
पुलिस ने भगदड़ मामले में टीवीके नेताओं— महासचिव बसी आनंद, जिला सचिव वीपी माथियाझागन (Karur Stampede) और पदाधिकारी सीटी निर्मल कुमार— के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, न्यायिक जांच के लिए सेवानिवृत्त जस्टिस अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में आयोग ने काम शुरू कर दिया है।
टीवीके ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मदुरै बेंच हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उधर, एडीजीपी एस डेविडसन देवासीरवाथम ने कहा कि रैली के दौरान पत्थरबाजी की अफवाहें निराधार हैं। उन्होंने बताया कि स्थल पर 500 पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन अनुमति से कई गुना अधिक भीड़ के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
स्वास्थ्य सचिव पी. सेंथिल कुमार ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है, जबकि 67 लोग घायल हैं। इनमें 17 महिलाएं, 14 पुरुष और नौ बच्चे शामिल हैं। दो घायलों की हालत गंभीर है।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन रविवार को करूर पहुंचे और घायलों से मुलाकात (Karur Stampede) की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। विजय ने भी मृतकों के परिवारों को 20 लाख और घायलों को दो लाख रुपये देने का एलान किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भगदड़ के दौरान कई लोग सड़क किनारे बने नाले में धकेल दिए गए। कुछ लोग टीन की चादरें और बैरिकेड तोड़कर पास के मकानों की छत पर चढ़ गए और गिरकर घायल हो गए। भीड़ के कारण एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल रहा था। पुलिस को स्थिति काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।


