सीजी भास्कर, 30 दिसंबर। कई दिनों से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही बांग्लादेश की पहली महिला प्राइम मिनिस्टर और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष 80 वर्षीय खालिदा जिया (Khaleda Zia) का आज मंगलवार सुबह करीब 6 बजे निधन हो गया। खालिदा जिया का निधन ऐसे समय पर हुआ, जब उन्होंने एक दिन पहले ही फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। उनके निधन से बांग्लादेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीएनपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट साझा कर निधन की जानकारी दी।
कई गठिया, डायबिटीज,लीवर सिरोसिस और श्वसनी संबंधी कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही खालिदा की हालत लगातार बिगड़ रही थी। ढाका के एवरकेयर अस्पताल में खालिदा जिया का इलाज चल रहा था, 23 नवंबर से वे अस्पताल में भर्ती थीं, 11 दिसंबर से वो वेंटिलेटर पर थी।
खालिदा के निधन से ठीक एक दिन पहले, सोमवार को दोपहर लगभग 3 बजे बीएनपी के वरिष्ठ नेताओं ने डिप्टी कमिश्नर और रिटर्निंग ऑफिसर के ऑफिस में बोगुरा-7 सीट से चुनावी नामांकन पेश किया था। नामांकन के दौरान ये मामला उठा था कि खालिदा अस्पताल में भर्ती हैं और वेंटिलेटर पर हैं, इसके बावजूद भी बीएनपी ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का फैसला लिया। बोगुरा-7 सीट का बीएनपी के लिए ऐतिहासिक महत्व रहा है, इसी क्षेत्र में पार्टी के संस्थापक और खालिदा जिया के पति जियाउर रहमान का आवास रहा है, खालिदा ने 1991, 1996 और 2001 में इसी क्षेत्र से चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री पद संभाला था।
17 साल बाद लंदन से ढाका लौटने के बाद पूर्व पीएम खालिदा जिया (Khaleda Zia) के बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने भी चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है, उन्होंने ढाका-17 और बोगुरा-6 सीट से नामांकन किया था। आपको बता दें खालिदा जिया के निधन के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति का एक बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है, चुनाव से ठीक पहले जिया के निधन से देश की सियासत को पूरी तरह बदल दी है।





