सीजी भास्कर, 21 जून : बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड स्थित खरवे गांव इन दिनों रहस्यमयी मौतों (Kharve Village Mystery Deaths) के कारण सुर्खियों में है। गांव में 6 फरवरी से 14 मई 2026 के बीच महज 98 दिनों में 8 लोगों की मौत होने से ग्रामीणों में भय और अनिश्चितता का माहौल व्याप्त है। लगातार हो रही मौतों ने न केवल ग्रामीणों को चिंतित कर दिया है, बल्कि प्रशासन और पुलिस के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। अब तक 7 शवों को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौतों के वास्तविक कारणों का पता फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
लगातार मौतों से सहमे ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार कुछ महीनों के भीतर एक के बाद एक हुई मौतों ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है। लोग शाम ढलते ही घरों में रहने लगे हैं और गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कई परिवारों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी कम अवधि में इतनी अधिक मौतें नहीं देखी थीं।
गांव में फैल रही अफवाहों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई लोग इन घटनाओं को तंत्र-मंत्र, गड़े धन और कथित नरबलि जैसी बातों से जोड़कर देख रहे हैं।
तंत्र-मंत्र और नरबलि की चर्चाओं ने बढ़ाई बेचैनी
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि कथित खजाने की तलाश में नरबलि जैसी घटनाओं को अंजाम दिया गया हो सकता है। हालांकि इन दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लगातार हो रही मौतों के बाद गांव में शांति पूजा और धार्मिक अनुष्ठान भी कराए गए। ग्रामीणों के अनुसार पूजा के दौरान बकरों, सुअर और मुर्गों की बलि दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी मौतों का सिलसिला रुक नहीं सका। लोगों का कहना है कि पूजा कराने वाले बैगा की भी बाद में मौत हो गई, जिससे गांव में भय और ज्यादा बढ़ गया।
कई मामलों में शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण समानता सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि कई मृतकों ने मौत से पहले शराब का सेवन किया था। शांति पूजा कराने वाले गजानंद मांझी की पत्नी ने बताया कि शराब पीने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
इसी तरह कार्तिक कुम्हार नामक युवक ने भी शराब सेवन के बाद गंभीर रूप से बीमार होने की बात कही, हालांकि समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। इन घटनाओं के बाद जहरीली शराब या मिलावटी शराब की आशंका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
मामले में कुछ ग्रामीणों ने एक स्थानीय व्यक्ति पर शराब उपलब्ध कराने को लेकर आरोप लगाए हैं। हालांकि संबंधित व्यक्ति ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
पुलिस ने ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
प्रशासन और ग्रामीण दोनों अब फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मौतों के पीछे कोई बीमारी, जहरीला पदार्थ, शराब या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।
तब तक खरवे गांव में भय, अफवाह और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए ताकि लोगों के मन में पैदा हुए सवालों का जवाब मिल सके।





