बस्तर संभाग के Jagdalpur में आज से खेलों का माहौल पूरी तरह गरमा गया है। (Khelo India Tribal Games) के तहत एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की शुरुआत धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में हुई, जहां देशभर से आए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
27 राज्यों के 443 खिलाड़ी शामिल
इस आयोजन में 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 443 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। हर खिलाड़ी का लक्ष्य साफ है—मेडल जीतना और अपनी पहचान बनाना। छत्तीसगढ़ के 33 खिलाड़ी भी इस मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिससे (Athletics Competition India) को लेकर स्थानीय उत्साह भी चरम पर है।
17 इवेंट्स में होगी कड़ी टक्कर
एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 इवेंट शामिल किए गए हैं। इनमें 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 10,000 मीटर दौड़, हर्डल्स, रिले रेस, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसे प्रमुख मुकाबले होंगे। पहले दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल मुकाबले तय किए गए हैं, जबकि शाम को 400 मीटर और रिले रेस के बाद विजेताओं को पदक दिए जाएंगे। (Track and Field Events) इस बार काफी प्रतिस्पर्धी माने जा रहे हैं।
102 पदकों पर होगी नजर
पूरे आयोजन में कुल 102 पदकों के लिए मुकाबले होंगे। खिलाड़ियों के बीच हर इवेंट में कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी, जहां छोटे-छोटे अंतर ही जीत और हार तय करेंगे। यह प्रतियोगिता (Medal Hunt India) के रूप में खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर बनकर सामने आई है।
खिलाड़ियों के लिए खास इंतजाम
खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए शहर के 13 होटलों में विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और फायर सेफ्टी जैसे सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं, जिससे आयोजन बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
बस्तर की संस्कृति से होंगे रूबरू
आयोजन के दौरान पर्यटन विभाग की ओर से खिलाड़ियों और अधिकारियों को बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इससे वे क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से समझ सकेंगे। (Bastar Tourism) को बढ़ावा देने के लिए यह पहल अहम मानी जा रही है।
जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच
यह आयोजन Sports Authority of India के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना और बस्तर को खेल गतिविधियों के एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित करना है। (Tribal Sports Development) इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।


