सीजी भास्कर, 13 फरवरी | कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव में स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण इकाई में देर रात ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने प्लांट परिसर में घुसकर हंगामा किया और वहां खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 10 से 20 लाख रुपये तक की संपत्ति क्षति हुई है। यह घटनाक्रम अब Kondagaon Maize Plant Protest के रूप में चर्चा में है।
अपशिष्ट जल से फसल बर्बादी का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे मक्का और अन्य फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासन को शिकायतें दे रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इस पूरे विवाद को स्थानीय स्तर पर Industrial Waste Dispute के तौर पर देखा जा रहा है।
सामूहिक घेराव और तनावपूर्ण हालात
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने रातभर प्लांट को चारों ओर से घेर लिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि एक वाहन चालक को अपनी सुरक्षा के लिए जंगल की ओर शरण लेनी पड़ी। हालात कुछ समय के लिए नियंत्रण से बाहर बताए गए। किसानों ने इसे सीधे तौर पर Crop Damage Allegation से जोड़ा है।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेकर शांति बहाल करने का प्रयास किया। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे घटनाक्रम को Administrative Action Update के तहत निगरानी में रखा गया है।
प्रबंधन पर उठे सवाल, जांच शुरू
ग्रामीणों ने प्लांट प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और नियमित निगरानी में लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन और प्रदूषण संबंधी आरोपों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की है।




