सीजी भास्कर 18 फ़रवरी। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में परीक्षा के दिन एक 12वीं के छात्र द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। छात्र जब परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचा तो शिक्षकों को चिंता हुई। वे उसके घर (Korba 12th Student Suicide) पहुंचे, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। संदेह होने पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देख सबके होश उड़ गए। छात्र का शव पंखे से लटका मिला।
मृतक की पहचान उज्वल डडसेना (17 वर्ष) के रूप में हुई है। वह SECL DAV स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र (Korba 12th Student Suicide) था। वह सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर आईटीआई बस्ती में अपनी बहन और जीजा के साथ रह रहा था। घटना के समय घर में वह अकेला था। उसकी बहन स्कूल में शिक्षिका है और ड्यूटी पर गई हुई थीं, जबकि जीजा फोटोग्राफी के काम से बाहर थे।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
मौके पर पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान छात्र की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जो अंग्रेजी में लिखा बताया जा रहा है। नोट में उसने अपनी मृत्यु के बाद शव को मेडिकल कॉलेज को सौंपने की बात लिखी है।
पुलिस के अनुसार, अभी तक आत्महत्या के कारण स्पष्ट (Korba 12th Student Suicide) नहीं हो पाए हैं। यह जांच का विषय है कि छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया और सुसाइड नोट में मेडिकल कॉलेज का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया।
हर एंगल से जांच
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। परिवारजनों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह सामने आ सके। परीक्षा का दबाव, व्यक्तिगत कारण या अन्य किसी पहलू को लेकर पुलिस सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक दबाव और संवाद की कमी की ओर संकेत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के दौरान छात्रों को भावनात्मक सहयोग और खुला संवाद बेहद जरूरी है।





