सीजी भास्कर, 16 जनवरी | Korba Rice Mill Irregularity: कोरबा जिले के उरगा क्षेत्र में धान भंडारण को लेकर की गई औचक जांच ने बड़ा सच सामने ला दिया। प्रशासनिक टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में दो राइस मिलों में हजारों बोरी धान की कमी पाई गई, जिससे सरकारी व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बजरंग राइस मिल और धनेश राइस मिल में दर्ज स्टॉक के मुकाबले कुल 11,373 बोरी धान मौके पर मौजूद नहीं था। कागजों में दर्ज आंकड़े और वास्तविक भंडारण में भारी अंतर मिलने से (Rice Stock Verification) की प्रक्रिया और सख्त कर दी गई।
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, बजरंग राइस मिल में 66,425 बोरी और धनेश राइस मिल में 15,200 बोरी धान का उठाव दर्शाया गया था। कुल मिलाकर 79,625 बोरी धान उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में केवल 68,252 बोरी ही पाई गई, जिससे अनियमितता की पुष्टि हुई।
अनियमितता सामने आते ही खाद्य और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल दोनों राइस मिलों को सील कर दिया। उपलब्ध धान को जब्त कर मिल संचालकों के सुपुर्द किया गया, ताकि आगे की जांच में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके (Administrative Action)。
Korba Rice Mill Irregularity और मिलिंग प्रक्रिया की स्थिति
जानकारी के अनुसार, नए धान की कस्टम मिलिंग अभी शुरू नहीं हुई है, जबकि पुराने स्टॉक से तैयार चावल को केंद्रीय भंडारण में जमा करने की प्रक्रिया जारी है। इसी दौरान स्टॉक में कमी सामने आना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया।
Korba Rice Mill Irregularity से जुड़ा एक और मामला
इसी कार्रवाई के दौरान एक अन्य राइस मिल परिसर में धान रीसाइक्लिंग के उद्देश्य से ले जाए जा रहे 100 कट्टी धान को ट्रैक्टर सहित जब्त किया गया। जब्त सामग्री को संबंधित थाने को सौंप दिया गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके 。
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक सील की गई राइस मिलों में किसी भी तरह की गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है, जिससे भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।


