सीजी भास्कर, 29 दिसंबर | कोरबा शहर के बीचों-बीच स्थित SS प्लाजा में सोमवार तड़के अचानक आग भड़क उठी। सुबह करीब 6 बजे जब ज्यादातर दुकानें बंद थीं, तभी (Korba SS Plaza Fire) ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में धुआं इतना घना हो गया कि प्लाजा के भीतर कुछ भी दिखाई देना बंद हो गया।
ज्वेलरी से लेकर कपड़ों तक सब कुछ राख
इस आग में सबसे ज्यादा नुकसान ज्वेलरी, कपड़ा और बर्तन व्यवसाय से जुड़ी दुकानों को हुआ। बालाजी स्टील, पद्मिनी ज्वेलर्स, बालाजी क्लॉथ भंडार सहित कुल पांच दुकानें पूरी तरह जल गईं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि अंदर रखा कीमती सामान बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला। (Korba SS Plaza Fire) ने व्यापारियों की सालों की मेहनत कुछ घंटों में खत्म कर दी।
14 दमकल, 5 घंटे की जंग
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। हालात को देखते हुए एक के बाद एक कुल 14 दमकल गाड़ियों को लगाया गया। आग पर काबू पाने में करीब 5 घंटे का समय लगा, तब जाकर हालात कुछ हद तक नियंत्रण में आए। हालांकि भीतर की कुछ जगहों पर धुआं और गर्मी बनी रही, जिससे राहत कार्यों में लगातार सावधानी बरतनी पड़ी।
70 दुकानों पर लगा ताला
आग फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने SS प्लाजा के आसपास मौजूद 50 से 70 दुकानों को एहतियातन बंद करवा दिया। श्याम प्लाजा और आसपास के व्यावसायिक इलाकों में भी कुछ समय के लिए गतिविधियां थम सी गईं। (Korba SS Plaza Fire) ने पूरे बाजार क्षेत्र को ठहराव की स्थिति में ला दिया।
भीड़, बेचैनी और सामान बचाने की कोशिश
आग की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। आसपास के दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों का सामान बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखने में जुटे रहे। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया ताकि राहत कार्यों में कोई बाधा न आए।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को (Korba SS Plaza Fire) का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
आर्थिक नुकसान भारी, निगरानी जारी
इस घटना में व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें अभी भी मौके पर निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि दोबारा आग भड़कने की कोई संभावना न रहे।


