सीजी भास्कर, 26 दिसंबर। दुर्ग जिले के रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक अधिकारों और सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। Labour Safety Violation Durg के तहत सामने आए मामलों पर भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJM TUC) ने कड़ी नाराजगी जताई है और स्टील प्लांट प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है।
ट्रेड यूनियन के अनुसार, श्रमिकों को न तो नियमित हाजिरी पत्रक दिया जा रहा है और न ही वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय और त्यौहारी अवकाश जैसे बुनियादी अधिकारों से भी मजदूरों को वंचित रखा गया है। ये सभी बिंदु Labour Safety Violation Durg की गंभीरता को दर्शाते हैं।
न्यूनतम वेतन और श्रेणी निर्धारण में गड़बड़ी, Labour Safety Violation Durg पर आपत्ति
जिलाध्यक्ष पवन सिंह ने बताया कि सुविधा इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी ठेका कंपनियों द्वारा श्रमिकों को उनकी श्रेणी के अनुरूप न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कुशल, अर्द्ध-कुशल और उच्च-कुशल श्रमिकों के वेतन निर्धारण में अनियमितता Labour Safety Violation Durg का अहम पहलू बनकर सामने आई है।

श्रमिकों को वैधानिक EL और CL अवकाश नहीं दिया जा रहा, वहीं ओवरटाइम कार्य के बदले नियमानुसार दोगुना भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
यूनियन का कहना है कि ये उल्लंघन लंबे समय से चल रहे हैं, जिससे Labour Safety Violation Durg और गंभीर हो गया है।

स्टील प्लांट जैसे जोखिम भरे उद्योग में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य होते हैं, लेकिन श्रमिकों को जूते, दस्ताने, हेलमेट और सुरक्षा चश्मे तक नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।
इसके अलावा वार्षिक मेडिकल जांच भी नहीं कराई जा रही, जो Labour Safety Violation Durg को सीधे श्रमिक जीवन से जोड़ता है।
BJMTUC प्रतिनिधियों ने कंपनी प्रबंधन से प्रत्यक्ष चर्चा कर सभी बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई।

यूनियन ने स्पष्ट किया कि श्रेणी अनुसार वेतन भुगतान, तय तिथि पर मजदूरी, सेफ्टी प्रोटोकॉल और अवकाश संबंधी नियमों का पालन तुरंत किया जाए, अन्यथा आगे कड़ा कदम उठाया जाएगा। यह चेतावनी Labour Safety Violation Durg के समाधान की दिशा में अंतिम अवसर के रूप में देखी जा रही है।

ट्रेड यूनियन ने दो टूक कहा कि श्रमिकों के अधिकारों से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि तय समयसीमा में सुधार नहीं हुआ, तो संगठन आगे की रणनीति पर निर्णय लेगा। Labour Safety Violation Durg अब केवल शिकायत नहीं, बल्कि प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग बन चुका है।






