सीजी भास्कर, 04 फरवरी | Lakhma Political Controversy : रायपुर में सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई जब उप मुख्यमंत्री के बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार किया। उन्होंने दो टूक कहा—अगर पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को “बलि का बकरा” माना जा रहा है, तो असली दोषी कौन है? यह बयान अपने आप में पूरे मामले की दिशा बदल देता है।
‘निर्दोष को जेल भेजा गया?’—भाजपा पर सवाल
दीपक बैज ने कहा कि यदि लखमा निर्दोष हैं, जैसा कि बयान से संकेत मिलता है, तो इसका सीधा मतलब है कि निर्दोष व्यक्ति को जेल भेजा गया। ऐसे में जिम्मेदारी किसकी बनती है? कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे Political Vendetta Case करार देते हुए भाजपा से सार्वजनिक माफी की मांग की।
जमानत पर रिहाई को बताया सत्य की जीत
कवासी लखमा को जमानत मिलने के बाद कांग्रेस खेमे में उत्साह साफ नजर आया। बैज ने कहा—“सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन हारता नहीं।” न्यायालय के फैसले को उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताया और कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने की कोशिश नाकाम हुई।
कार्यकर्ताओं में उत्साह, संगठन को मजबूती का दावा
दीपक बैज के मुताबिक, लखमा की रिहाई से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। उनका कहना है कि स्वागत की तैयारियां चल रही हैं और यह घटनाक्रम कांग्रेस संगठन को और धार देगा। उन्होंने इसे Congress Reaction CG के रूप में जनता के सामने रखा।
धान खरीदी पर सरकार को घेरा
धान खरीदी की समय सीमा दो दिन बढ़ाने को लेकर भी बैज ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लाखों मीट्रिक टन धान अब भी खरीदी से बाहर है। दो दिन में समस्या हल नहीं होगी। कांग्रेस की मांग है कि समय सीमा कम से कम 15 दिन बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
नक्सलवाद पर दावों को बताया जल्दबाजी
मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के सरकारी दावे पर बैज ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वक्त आने दीजिए, तब सच्चाई सामने आएगी। सरकार को आंकड़ों और जमीनी हालात का वास्तविक आकलन करना चाहिए, न कि सिर्फ दावे।
वायरल तस्वीर पर संतुलित बयान
एक वायरल तस्वीर को लेकर उठे राजनीतिक बयान पर बैज ने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित पार्टी है। संसद में मुलाकात कोई असामान्य बात नहीं। राजनीतिक असहमति के बावजूद संवाद की परंपरा बनी रहनी चाहिए। मुद्दा सरकार की नाकामियां हैं, जिन पर कांग्रेस सवाल उठाती रहेगी।




