सीजी भास्कर, 06 जनवरी। आत्मनिर्भरता जब संकल्प और सही अवसर से मिलती है, तो साधारण जीवन भी असाधारण मिसाल बन जाता है। कबीरधाम जिले के ग्राम सेमो की लता साहू ने यह साबित (Lakhpati Didi Success Story) कर दिखाया है।
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी पहचान एक सफल उद्यमी और “लखपति दीदी” के रूप में बनाई है। अब इसी प्रेरक उपलब्धि के लिए उन्हें 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा।
लता साहू का सफर आसान नहीं था। सीमित आमदनी में परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए बड़ी चुनौती हुआ करती थी। आर्थिक असुरक्षा के बीच उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला लिया, जो उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट (Lakhpati Didi Success Story) साबित हुआ। समूह से जुड़ने के बाद बचत की आदत विकसित हुई और आजीविका ऋण के रूप में उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला।
प्राप्त ऋण राशि का सही उपयोग करते हुए लता साहू ने टेंट और कैटरिंग व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन समय की पाबंदी, काम की गुणवत्ता और निरंतर मेहनत ने उनके व्यवसाय को मजबूत आधार दिया। धीरे-धीरे यह काम उनकी स्थायी आय का स्रोत बन गया और उनकी मासिक तथा वार्षिक आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
आज लता साहू न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने परिवार की जरूरतें आत्मसम्मान के साथ पूरी कर रही हैं। उनकी सफलता ने आसपास की कई महिलाओं को भी प्रेरित किया है। महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी अन्य महिलाएं अब उन्हें देखकर स्वरोजगार की राह चुन रही हैं।
लता साहू का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास और सही दिशा (Lakhpati Didi Success Story) भी दी। उनके अनुसार, समूह की ताकत और मार्गदर्शन के बिना यह सफर संभव नहीं था। आज वे पूरे कबीरधाम जिले के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाला यह सम्मान केवल लता साहू की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की बदलती तस्वीर और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत होती नींव का प्रतीक भी है।


