सीजी भास्कर, 11 दिसंबर। बलरामपुर जिले के बड़े झाड़ और छोटे झाड़ की शासकीय जंगल मद भूमि को फर्जी तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज कराने के गंभीर प्रकरण में पटवारी अजेंद्र टोप्पो को निलंबित कर दिया गया है। यह पूरा मामला (Land Fraud Case) के रूप में सामने आया है, जिसने राजस्व विभाग में बड़ी हलचल मचा दी है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) देवेंद्र प्रधान ने हल्का नंबर एक कोदौरा के पटवारी टोप्पो के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करते हुए आदेश जारी कर दिया है।
ग्रामीणों ने इस प्रकरण की शिकायत बलरामपुर कलेक्टर से भी की थी। ग्रामीणों ने बताया कि धान खरीदी पंजीयन प्रक्रिया के दौरान जब उन्होंने ऑनलाइन खसरा-बी-वन निकाला, तो भूमि के वास्तविक स्वामियों के नाम की जगह वीरेंद्र गुप्ता और उसके स्वजनों के नाम दर्ज मिले। लगभग 70 एकड़ की सरकारी और निजी भूमि पर गलत तरीके से प्रविष्टि कराते हुए संबंधित व्यक्ति ने अपना तथा परिवार के सदस्यों का नाम अंकित करा लिया था, जिससे बड़ा राजस्व घोटाला सामने आया।
राजपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने 5 दिसंबर 2025 को तहसीलदार के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि वीरेंद्र गुप्ता और उसके परिवार के लोगों ने छोटे व बड़े झाड़ के जंगल मद की भूमि पर फर्जी प्रविष्टि कर धान विक्रय का अनुचित लाभ उठाया। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी उल्लेख था कि संबंधित व्यक्ति ने न केवल शासकीय भूमि, बल्कि अन्य लोगों की जमीन पर भी अपना नाम दर्ज कराया है।
एसडीएम की प्रारंभिक जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। ग्रामीणों ने इस पूरे (Land Fraud Case) की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि राजस्व तंत्र में ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके।
इधर निलंबन के बाद हल्का नंबर एक कोदौरा और अतिरिक्त प्रभार हल्का नंबर दो भेंडरी का कार्य अस्थायी रूप से पटवारी हल्का नंबर नौ झिंगो में पदस्थ रजाउल हसन को आगामी आदेश तक सौंपा गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आगे और भी अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।


