सीजी भास्कर, 29 अक्टूबर। मड़वा गांव स्थित पावर प्लांट परिसर में तेंदुआ दिखाई देने से आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है। (Leopard Alert) सोमवार की शाम पावर प्लांट के सुरक्षाकर्मी ने तेंदुआ को परिसर के भीतर घूमते हुए देखा और उसका वीडियो भी बनाया। वीडियो की पुष्टि के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अगले दिन मौके पर तेंदुए के पैरों के निशान भी मिले, जिसके बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी
जांजगीर-चांपा जिले के एसडीओ (वन) एचआर शर्मा ने बताया कि सुरक्षाकर्मी द्वारा दी गई जानकारी के बाद विभाग की टीम देर रात ही मौके पर पहुंच गई थी। हालांकि अंधेरा होने के कारण तत्काल खोजबीन नहीं हो सकी। मंगलवार सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें तेंदुए के ताजे पदचिह्न मिले हैं। वन विभाग की टीम ने ड्रोन सर्विलांस और ट्रैप कैमरा लगाकर तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि अब तक तेंदुआ दोबारा दिखाई नहीं दिया है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी जारी है। फिलहाल स्थल निरीक्षण और आसपास के गांवों — मड़वा, तेन्दूभांठा, बसंतपुर, केनाभांठा, कर्रापाली और मदनपुर में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुनादी कर लोगों से कहा गया है कि वे शाम के समय और सुबह तड़के अकेले बाहर न निकलें। खेतों में रात बिताने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से घरों के आसपास ही रहने को कहा गया है। अधिकारियों ने अपील की है कि यदि किसी को तेंदुआ या अन्य जंगली जानवर दिखाई दे, तो तुरंत उड़दस्ता प्रभारी या नजदीकी वन विभाग कार्यालय को सूचना दें।
पहली बार दिखा तेंदुआ, क्षेत्र में भय और जिज्ञासा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिले में यह पहली बार है जब तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। इससे एक ओर लोग भयभीत हैं, वहीं दूसरी ओर जंगली जीवन को लेकर उत्सुकता भी दिख रही है। वन विभाग के मुताबिक, यह तेंदुआ संभवतः समीपस्थ जंगलों से भटककर औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंच गया है। विभाग ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने की तैयारी की जा रही है। जब तक उसकी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, इलाके में विशेष निगरानी रखी जाएगी।


