सीजी भास्कर 3 दिसम्बर उत्तराखंड में शराब खरीदने वालों पर दिसंबर से बड़ा असर पड़ने वाला है। राज्य सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025–26 की आबकारी नीति में संशोधन करते हुए एक्साइज ड्यूटी पर 12% VAT को फिर से लागू कर दिया है। Liquor Price Hike
इस फैसले का सीधा मतलब है—खुदरा कीमतों में 40 रुपये से 100 रुपये प्रति बोतल तक की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
Liquor Price Hike: विभाग ने मांगी थी तैयारी की मोहलत, अब 15 दिसंबर से होंगे नए रेट लागू
आबकारी आयुक्त ने बताया कि आदेश जारी होने के बाद नई दरों को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए एक विस्तृत टाइमलाइन तय की गई है।
विभाग ने तैयारी के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था—जिसे मंजूरी मिल गई।
अब नई व्यवस्था 15 दिसंबर से पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी।
क्यों वापस जोड़ा गया VAT? वित्त विभाग ने जताई थी बड़ी चिंता
जब आबकारी नीति का प्रारूप तैयार हुआ था, तब एक्साइज ड्यूटी से VAT हटाने का प्रस्ताव भी शामिल था। कारण यह बताया गया कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में Excise Duty पर VAT नहीं लिया जाता, जिससे प्रतिस्पर्धा बनी रहे और अवैध तस्करी पर रोक लगे।
लेकिन वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव पर राजस्व हानि की आशंका जताई और अनुमति देने से इनकार कर दिया।
नतीजतन, सरकार को नीति में सुधार करते हुए VAT को फिर शामिल करना पड़ा।
Liquor Price Hike: रिटेल मार्केट पर असर—कितनी बढ़ेगी कीमत?
नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही कीमतों में यह बढ़ोतरी लगभग तय है—
• देसी (कंट्री मेड) अंग्रेजी शराब
→ पव्वा: लगभग ₹10 की वृद्धि
→ बोतल: लगभग ₹40 की वृद्धि
• विदेशी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब
→ प्रति बोतल: ₹100 तक बढ़ोतरी
राज्य में पहले से ही शराब की दरें पड़ोसी राज्यों—हिमाचल, उत्तर प्रदेश और हरियाणा—के मुकाबले ऊँची हैं। अब VAT बढ़ने के बाद जेब पर और बोझ पड़ना निश्चित है।
सरकार का तर्क—राजस्व बढ़ेगा, उपभोक्ता पर बोझ बढ़ना भी तय
सरकार का कहना है कि नई आबकारी नीति से राजस्व संग्रह में मजबूती आएगी, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए शराब खरीदना अब और महंगा हो जाएगा।
प्रदेश में पहले ही शराब नीति को लेकर बहस चलती रही है—अब VAT लागू होने के बाद यह मुद्दा फिर गर्माने की संभावना है।






