सीजी भास्कर, 16 जनवरी। किसी बड़े घोटाले में जब जांच एजेंसी की पूछताछ पूरी हो जाती है, तो मामला केवल सवाल-जवाब तक सीमित (Liquor Scam Case CG) नहीं रहता। इसके बाद अदालत का रुख और आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करती है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी। ताजा घटनाक्रम ने इसी ओर इशारा किया है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला प्रकरण में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा पूछताछ पूरी किए जाने के बाद सौम्या चौरसिया को न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। अब वे 30 जनवरी तक जेल में रहेंगी।
ईओडब्ल्यू ने इससे पहले प्रोडक्शन वारंट के आधार पर सौम्या चौरसिया को हिरासत में लिया था और तीन दिन की रिमांड पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। इस दौरान जांच एजेंसी ने नीति से जुड़े निर्णयों, दस्तावेजी प्रक्रियाओं और कथित आर्थिक लेन-देन को लेकर जानकारी जुटाई। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को उन्हें पुनः कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इस प्रकरण में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सौम्या चौरसिया ने पहले हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका (Liquor Scam Case CG) दायर की थी। 8 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा था। इसके बाद 15 जनवरी को शासन का पक्ष सुने जाने के पश्चात हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद ईओडब्ल्यू की कार्रवाई आगे बढ़ी।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला वर्ष 2019 से 2023 के बीच लागू की गई शराब नीति से जुड़ा है। आरोप है कि नीति में किए गए बदलावों के जरिए चुनिंदा सप्लायरों को लाभ पहुंचाया गया। इस दौरान नकली होलोग्राम और सील के माध्यम से शराब की बिक्री की गई, जिससे शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व हानि हुई।
मामले की जांच के दौरान कई प्रभावशाली नाम सामने आ चुके हैं। पूर्व मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी इस प्रकरण में आरोपी (Liquor Scam Case CG) बनाए गए हैं, जबकि आबकारी विभाग के कई अधिकारियों को भी जांच का सामना करना पड़ा। कुछ मामलों में जमानत मिली है, वहीं कुछ आरोपी अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में हैं।
सौम्या चौरसिया को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद यह मामला अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। जांच एजेंसियां अब पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और कानूनी हलचल देखने को मिल सकती है।


