खूबसूरती और चालाकी से रचती थी फरेब का खेल, पुलिस ने गुरुग्राम से पकड़ा
पूरे परिवार के साथ मिलकर बनाती थी शादी का जाल, कई राज्यों में केस दर्ज
गिरफ्तारी के वक्त मुस्कुरा रही थी ‘लुटेरी दुल्हन’, हाथों में अब भी ताजा मेहंदी
सीजी भास्कर, 17 अक्टूबर। शादी के नाम पर प्यार और भरोसे की डोर को हथियार बनाकर लूट मचाने वाली (Looteri Dulhan Rajasthan Arrest) कुख्यात लुटेरी दुल्हन आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गई। उत्तर प्रदेश के मथुरा की रहने वाली काजल को राजस्थान पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार करते वक्त उसके हाथों में अब भी मेहंदी के ताजे निशान थे और चेहरे पर वही मुस्कान, जिससे वह युवाओं को अपने जाल में फंसा देती थी।
पुलिस के मुताबिक, काजल अपने परिवार के साथ मिलकर शादी के नाम पर ठगी का गिरोह चलाती थी। यह गैंग अब तक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में कई युवाओं को लाखों रुपये का चूना लगा चुका है।
‘लव, शादी और लूट’ का फुलप्रूफ प्लान
राजस्थान के सीकर जिले के दातारामगढ़ थानाधिकारी जय सिंह बसेरा ने बताया कि 26 नवंबर 2024 को ताराचंद जाट नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने जयपुर निवासी भगत सिंह की बेटियों से अपने दो बेटों की शादी तय की थी। 21 मई 2024 को जयपुर के गोविंद हॉस्पिटल गेस्ट हाउस में दोनों शादियां हिंदू रीति-रिवाज से कराई गईं। शादी के दो दिन तक सबकुछ सामान्य रहा — मिठाइयां, तस्वीरें, मेहमान, आशीर्वाद… लेकिन तीसरे दिन दोनों दुल्हनें, उनके माता-पिता और भाई गहनों व नकदी के साथ गायब हो गए।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ठगी रैकेट (Looteri Dulhan Rajasthan Arrest) था। पिता भगत सिंह और बेटा सूरज पहले ऐसे युवकों की तलाश करते जो शादी में असफल रहे हों या जल्दी रिश्ता करना चाहते हों। परिवार रिश्ता पक्का करता, दुल्हनें शादी करतीं और कुछ दिनों में लाखों लेकर फरार हो जातीं।
सालभर बाद फंसी ‘लुटेरी दुल्हन’
इस गैंग का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने दिसंबर 2024 में भगत सिंह और उसकी पत्नी सरोज को मथुरा से गिरफ्तार किया। बाद में तमन्ना और सूरज भी पकड़ में आ गए, लेकिन काजल फरार रही। वह हर कुछ हफ्तों में ठिकाना बदलती थी कभी दिल्ली, कभी फरीदाबाद, तो कभी गुरुग्राम। अंततः एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने काजल को गुरुग्राम की एक हाई-राइज सोसायटी से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के वक्त वह जींस-टीशर्ट में थी, लेकिन उसके हाथों की मेहंदी अब भी उसकी “शादी की कहानी” बयान कर रही थी। पुलिस के अनुसार, वह सोशल मीडिया चैटिंग के जरिए युवाओं से संपर्क बनाती, भावनाओं का जाल बुनती और फिर परिवार के साथ पूरा प्लान अमल में लाती थी।
खूबसूरती थी हथियार, भरोसा था जाल
थानाधिकारी जय सिंह बसेरा के अनुसार, यह परिवार एक प्रोफेशनल ठगी गैंग की तरह काम करता था। चार राज्यों में इसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि काजल की खूबसूरती और चालाकी इतनी असरदार थी कि सीधे-साधे युवक उसकी बातों में आ जाते थे। वह शादी से पहले विनम्र और शर्मीली बनती, और शादी के तीन-चार दिन बाद सारे गहने, नकद और सामान लेकर गायब हो जाती थी।
राजस्थान पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि शादी के लिए किसी अनजान परिवार या सोशल मीडिया पर मिले रिश्ते पर बिना जांच भरोसा न करें। पुलिस ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए रिश्तों में पारदर्शिता और सत्यापन जरूरी है। इस ‘लुटेरी दुल्हन’ की गिरफ्तारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे “मेहंदी वाली ठगनी” कह रहे हैं — जिसके चेहरे पर मुस्कान और हाथों में हथकड़ी है।





