सीजी भास्कर, 10 मार्च। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच देश में एलपीजी सिलेंडर की संभावित कमी को लेकर (LPG Production India 2026) उठ रही चिंताओं पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी उत्पादन लगभग 10 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है।
सरकार के अनुसार देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ उत्पादन कर रही हैं, जिससे एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उद्योगों को दी जाने वाली गैस को डायवर्ट कर घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
रोजाना 60 लाख सिलेंडर की सप्लाई
सरकार ने बताया कि देशभर में प्रतिदिन करीब 60 लाख एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति (LPG Production India 2026) की जा रही है। डिस्ट्रिब्यूटर तक गैस पहुंचने का समय पहले की तरह ही लगभग ढाई दिन है, इसलिए आपूर्ति व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।
दूसरे रास्तों से बढ़ाया गया आयात
सरकार ने यह भी बताया कि भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य समुद्री मार्गों से गैस और तेल का आयात बढ़ा दिया है। पहले इन मार्गों से करीब 55 प्रतिशत आयात होता था, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
सरकार ने हाल ही में एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी को मौजूदा युद्ध परिस्थितियों से जोड़ने से भी इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह बढ़ोतरी पिछले साल के घाटे की भरपाई के लिए की गई है।
कुछ जगहों से आई थी कमी की शिकायत
हालांकि देश के कुछ शहरों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरें सामने (LPG Production India 2026) आई थीं। कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि उनके पास सीमित स्टॉक बचा है और नई सप्लाई मिलने में देरी हो रही है।
सरकार का कहना है कि इन शिकायतों के बावजूद घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।





