Lucknow Engineer Murder Case : लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को वह सुराग मिल गया है, जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। शुरुआती पूछताछ और मौके की जांच के बाद सामने आया कि उनकी लिव-इन पार्टनर रत्ना और उसकी दो नाबालिग बेटियों ने मिलकर यह वारदात अंजाम दी। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहाँ उन्होंने पूरी कहानी कबूल कर ली।
रातभर बनी साजिश, सुबह होते ही किया हमला
पुलिस के अनुसार 7 दिसंबर की रात सूर्य प्रताप घर लौटे तो उनका गुस्सा चरम पर था। रत्ना की बड़ी बेटी के फोन में किसी लड़के की फोटो देखकर उन्होंने उसका मोबाइल छीन लिया और देर रात तक उसकी पिटाई की। परिवार के भीतर तनाव इतना बढ़ गया कि मां-बेटियों ने पूरी रात बैठकर उसे हटाने का फैसला कर लिया।
अगली सुबह 5 बजे जब वह गहरी नींद में थे, तीनों चुपचाप कमरे में दाखिल हुए—दोनों बेटियों ने हाथ-पैर पकड़ लिए, जबकि रत्ना ने चाकू से उनका गला काट दिया।
हत्या के बाद खुद पुलिस को फोन कर दी सूचना
अपराध के तुरंत बाद रत्ना ने खुद पुलिस को कॉल कर बताया कि घर में हत्या हो गई है। टीम मौके पर पहुँची तो हालात देखकर अंदाजा लग गया कि मामला अचानक गुस्से में नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध तरीके से हुआ है। पूछताछ में तीनों ने यह भी कहा कि सूर्य प्रताप आए दिन मारपीट करता था और घर में एक अजीब डर का माहौल बना रहता था।
रत्ना के गंभीर आरोप—डर, गुस्सा और टूट चुका भरोसा
पूछताछ के दौरान रत्ना ने कहा कि वह और उसकी बेटियाँ लंबे समय से मानसिक दबाव में थीं। उनका आरोप है कि सूर्य प्रताप घर में तानाशाही जैसा व्यवहार करता था, बेटियों पर हाथ उठाता था और कई बार उन्हें कमरे में बंद भी कर देता था। बड़ी बेटी के प्रति उसकी बुरी नजर होने की बात कहकर रत्ना ने उसके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। इन्हीं बातों ने घर में तनाव इतना बढ़ा दिया कि हालात चरम पर पहुँच गए।
शव पोस्टमार्टम को भेजा गया, तीनों हिरासत में—जांच जारी
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मां-बेटियों को बाल संरक्षण अधिनियम व अन्य प्रावधानों के तहत पूछताछ के लिए रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की कड़ियाँ जोड़कर हत्या की असली वजह, घटनाक्रम और मानसिक हालात की पूरी जांच की जाएगी।
जांच टीम मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और घर की पड़ताल के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है ताकि हर पहलू स्पष्ट हो सके।





