सीजी भास्कर, 01 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के पूर्व खनन मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता गायत्री प्रसाद प्रजापति पर मंगलवार शाम लखनऊ जिला जेल में जानलेवा हमला हुआ। बैरक नंबर-3 में एक सफाईबंदी के साथ हुए विवाद के दौरान अचानक लोहे की रॉड से हमला (Lucknow Jail Attack on Gayatri Prajapati) कर दिया गया। गंभीर चोट लगने पर प्रजापति को पहले जेल में ही प्राथमिक इलाज दिया गया, इसके बाद उन्हें केजीएमयू भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर पर 10 टांके लगाए।
परिवार ने जताई हत्या की आशंका
हमले के बाद उनकी बेटी अंकित प्रजापति ने चिंता जताते हुए कहा— “हमें डर है कि पिताजी की जेल में कहीं हत्या न कर दी जाए। वो बीते आठ साल से जेल में बंद हैं, आरोप साबित नहीं हो पाए हैं, फिर भी उन्हें ऐसे खतरों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री हमसे मिलें और सुरक्षा सुनिश्चित करें।”
वहीं, पत्नी और अमेठी की विधायक महाराजी ने भी कहा कि जेल प्रशासन (Lucknow Jail Attack on Gayatri Prajapati) की लापरवाही से यह घटना हुई है। “जेल में कैंची और लोहे की पटरी जैसे औजार कैसे पहुंचे? किसने और क्यों हमला किया, इसकी जांच जरूरी है। मुख्यमंत्री से हमारी मांग है कि उन्हें सुरक्षा मिले और जल्द से जल्द बेल पर रिहाई दी जाए।”
विवाद कैसे शुरू हुआ?
जेल सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे प्रजापति और सफाईबंदी विश्वास के बीच कहासुनी हुई। मामला इतना बढ़ा कि सफाईबंदी ने गुस्से में लोहे की पटरी उठाकर वार कर दिया। घटना के तुरंत बाद आरोपी कैदी को दूसरी बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है। जेल प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने प्रदेश की सियासत भी गरमा दी है। समाजवादी पार्टी (Lucknow Jail Attack on Gayatri Prajapati) ने इसे “जेलों में अराजकता का सबूत” बताया। पार्टी प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा— “पूर्व मंत्री पर जेल के भीतर हमला होना बेहद गंभीर है। सरकार और जेल प्रशासन को उनकी सुरक्षा और इलाज की गारंटी लेनी होगी।”
2017 से जेल में, 2021 में उम्रकैद
गायत्री प्रसाद प्रजापति को वर्ष 2017 में गैंगरेप के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। नवंबर 2021 में कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। तब से वह लखनऊ जिला जेल में बंद हैं। कई बार जमानत की अर्जी दाखिल करने के बावजूद कोर्ट से राहत नहीं मिली।


