सीजी भास्कर 15 दिसम्बर Lucknow Missing Child Case : लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में एक मामूली पारिवारिक पल अचानक सस्पेंस भरी कहानी में बदल गया। मां की हल्की-सी डांट से आहत 11 साल का बच्चा साइकिल उठाकर घर से निकल गया। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि यह कदम उसे शहर ही नहीं, राज्य की सीमा से भी बाहर ले जाएगा।
स्कूल से लौटने के बाद बदला मूड
जानकारी के मुताबिक, बच्चा कक्षा 6 का छात्र है और स्कूल से लौटने के बाद किसी छोटी बात पर मां ने उसे डांट दिया। दोपहर करीब तीन बजे वह चुपचाप साइकिल लेकर बाहर निकला। शुरुआत में परिजनों को लगा कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा, लेकिन शाम ढलने तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
रात होते ही बढ़ी बेचैनी
जब देर रात तक बच्चा घर नहीं लौटा, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। आसपास तलाश के बाद परिजन थाने पहुंचे और गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। बच्चे की तस्वीर, कपड़ों का हुलिया और अन्य विवरण तुरंत साझा किए गए, ताकि तलाश तेज की जा सके।
शहर से शहर तक फैली तलाश
पुलिस ने बच्चे की जानकारी अलग-अलग इलाकों में भेजी। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी किया गया। डिजिटल सिस्टम के जरिए भी विवरण साझा किया गया, जिससे किसी भी जगह मिलान हो सके।
1100 किलोमीटर दूर खुला राज
तीन दिन बाद कहानी ने नया मोड़ लिया, जब गुजरात के अहमदाबाद में एक बच्चे का विवरण सिस्टम से मैच हुआ। वहां की पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित पाया और तुरंत लखनऊ पुलिस से संपर्क किया। खबर मिलते ही परिवार को बड़ी राहत मिली।
पूरी तरह सुरक्षित, घर वापसी की तैयारी
पुलिस के अनुसार, बच्चा पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है। परिवार के सदस्य अब उसे लेने के लिए रवाना हो चुके हैं। इस दौरान यह जानने की कोशिश की जा रही है कि बच्चा इतने लंबे सफर में किन साधनों से पहुंचा।
बच्चों की भावनाओं का आईना बनी घटना
यह घटना बच्चों की मानसिक संवेदनशीलता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डांट के बजाय संवाद और समझदारी बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाती है। परिवार अब सिर्फ एक ही बात पर शुक्रगुजार है—बच्चा सुरक्षित है।






