उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में Lucknow Missing Girl Case ने सनसनी फैला दी है। 22 दिन बीत जाने के बाद भी साक्षी नाम की युवती का सुराग नहीं मिल सका है। वह डायल-112 में टेलीकॉलर के पद पर कार्यरत थी और 29 अगस्त की रात अपने घर से निकली थी। उसी रात से उसका कोई अता-पता नहीं है।
स्कूटी और मोबाइल मिले लावारिस
पुलिस जांच में सामने आया कि साक्षी की स्कूटी और मोबाइल फोन चारबाग बस स्टैंड के पास लावारिस हालत में बरामद हुए। यह घटना सामने आने के बाद परिवार का कहना है कि उनकी बेटी का किडनैपिंग हुआ है।
मां ने दोस्त पर लगाया आरोप
लापता युवती की मां ने अपनी शिकायत में कहा है कि साक्षी के साथ उसका दोस्त सचिन अक्सर संपर्क में रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि वही उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मां के मुताबिक, साक्षी ने आखिरी बार फोन पर कहा था कि वह मम्मी से बात करना चाहती है। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।
सचिन और साक्षी का विवाद
पुलिस ने साक्षी के दोस्त Sachin को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी और साक्षी की मुलाकात Instagram पर हुई थी और दोनों में दोस्ती हो गई थी। 29 अगस्त की रात को रिवर फ्रंट इलाके में किसी तीसरे युवक को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। सचिन के मुताबिक, उसने उसी दौरान साक्षी का फोन छीन लिया था, लेकिन उसके बाद वह कहां गई, इसकी जानकारी उसके पास नहीं है।
पुलिस का सर्च ऑपरेशन
Lucknow Missing Girl Case (focus keyphrase) में पुलिस लगातार खोजबीन कर रही है। गोमती नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, मगर कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस ने उस युवक से भी पूछताछ की, जिसके चलते सचिन और साक्षी का विवाद हुआ था। लेकिन अब तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
परिवार की उम्मीदें और पुलिस की चुनौती
22 दिन गुजर जाने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है। मां का कहना है कि जब तक उनकी बेटी मिल नहीं जाती, तब तक चैन नहीं मिलेगा। दूसरी ओर पुलिस ने मामले की जांच और तेज कर दी है, ताकि इस रहस्यमय गुमशुदगी की सच्चाई सामने लाई जा सके।


