सीजी भास्कर, 28 दिसंबर। छत्तीसगढ़ बंद के दौरान राजधानी रायपुर के चर्चित मैग्नेटो मॉल (Magneto Mall Raipur Vandalism) में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बजरंग दल के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। तोड़फोड़ की घटना के बाद बड़ी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता तेलीबांधा थाने में घुस गए और जमकर बवाल किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी को बसों में बैठाकर सेंट्रल जेल भेजा, हालांकि देर रात करीब साढ़े 11 बजे सभी कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोपहर से ही तेलीबांधा पुलिस स्टेशन के सामने चक्काजाम कर दिया था। सड़क पर हवन कर विरोध जताया गया और प्रदर्शन को प्रतीकात्मक रूप से उग्र बनाने के लिए चूल्हा और राशन लेकर धरना दिया गया। थाने के सामने सड़क पर टेंट लगाकर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 4 नगर पुलिस अधीक्षक और 12 से अधिक थाना प्रभारियों समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मैग्नेटो मॉल (Magneto Mall Raipur Vandalism) प्रकरण के चलते मंदिर हसौद और एयरपोर्ट की ओर से रायपुर शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को तेलीबांधा चौक के पास नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट करना पड़ा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हुई।
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने मॉल में कोई तोड़फोड़ नहीं की है। उनके अनुसार, केवल सजावट को मामूली नुकसान हुआ था, जिस पर इतना बड़ा पुलिस एक्शन अनुचित है। उन्होंने कहा कि थाना घेराव के बाद कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई और रात साढ़े 11 बजे सेंट्रल जेल से रिहाई दी गई।
वर्मा ने यह भी बताया कि प्रशासन ने उनकी कुछ मांगें मानी हैं, जबकि कुछ पर सहमति नहीं बनी। फिलहाल आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है, लेकिन प्रशासन द्वारा ढिलाई बरते जाने पर दोबारा चक्काजाम की चेतावनी दी गई है।
चिढ़ाने के लिए मॉल में संता की मूर्ति लगाई
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि मॉल में तोड़फोड़ की शिकायत के बाद उनके कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि कांकेर में 800 लोगों ने उनके 25 हिंदू भाइयों पर हमला किया और उन्हें पीटा। अगर पुलिस चाहती तो आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती थी। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई की होती तो छत्तीसगढ़ बंद नहीं होता। इस तरह की घटना नहीं होती। भले ही चैंबर ऑफ कॉमर्स ने हड़ताल का आह्वान किया था, लेकिन मॉल मालिकों ने बजरंग दल को भड़काने के लिए सांता क्लॉज की मूर्ति लगाई। बाइबिल में कहीं भी सांता क्लॉज का जिक्र नहीं है।





