सीजी भास्कर, 09 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के सरहदी इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई (Mahasamund Police Action) को अंजाम दिया है। महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर गांजे की एक विशाल खेप पकड़ी है। जब्त किए गए गांजे की कुल मात्रा 312 किलो बताई जा रही है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 56 लाख 34 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में केवल माल ढोने वालों को ही नहीं, बल्कि मुख्य खरीदारों समेत कुल 5 आरोपियों को दबोच लिया है।
गुप्त सूचना पर सिंघोड़ा बॉर्डर पर बिछाया गया जाल (Mahasamund Police Action)
पुलिस को सटीक जानकारी मिली थी कि ओडिशा के रास्ते भारी मात्रा में नशीला पदार्थ छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करने वाला है। इस इनपुट पर तुरंत एक्शन लेते हुए सिंघोड़ा पुलिस और विशेष टीम ने इलाके में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। संदिग्ध वाहनों की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ गांजे के पैकेट्स लगे, जिन्हें बड़ी ही चालाकी से छुपाकर ले जाया जा रहा था। हाल के दिनों में महासमुंद पुलिस द्वारा की गई यह अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी रिकवरी मानी जा रही है।
परिवहन करने वालों से लेकर खरीदार तक पुलिस की गिरफ्त में
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि पुलिस ने तस्करी की पूरी चेन को ध्वस्त कर दिया है। मौके से पहले दो परिवहनकर्ताओं (कैरियर) को गिरफ्तार किया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने इस खेप के असली खरीदारों के नाम उगल दिए, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर तीन अन्य खरीदारों को भी धर दबोचा। पकड़े गए सभी आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे।
ओडिशा का गांजा और महाराष्ट्र के बाजार: एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज
पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गांजे की यह खेप ओडिशा के अंदरूनी इलाकों से लोड की गई थी और इसे मुंबई (महाराष्ट्र) के बड़े बाजारों में खपाने की तैयारी थी। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा सिंडिकेट है और पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर महाराष्ट्र और ओडिशा के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की जा सकती है।


