दुर्ग–भिलाई क्षेत्र में आज आस्था का सैलाब उमड़ेगा। भिलाई के बैकुंठधाम और रुक्खड़नाथ सहित प्रमुख शिवालयों में विशेष पूजा, जलाभिषेक और भजन-कीर्तन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन-लाइन, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखी है। पूरे आयोजन में (Mahashivratri Durg Bhilai) की थीम पर सजावट और प्रकाश-व्यवस्था शहर को अलग रंग देगी।
मुख्य मंच पर सामूहिक आरती, नदी तट पर दीप-श्रृंखला
इस वर्ष महाशिवरात्रि का केंद्रीय कार्यक्रम शिवनाथ सरोवर पर होगा, जहां नदी तट पर सामूहिक आरती और दीप-श्रृंखला से वातावरण भक्तिमय बनेगा। आयोजन समिति ने सुरक्षा, पार्किंग और भीड़-प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की टीम तैनात की है। श्रद्धालुओं से अपील है कि घाटों पर स्वच्छता बनाए रखें, ताकि (Shivnath Sarovar festival) की गरिमा बनी रहे।
भिलाई में निकलेगी भव्य बारात, लोक-झांकियों का संगम
भिलाई की सड़कों पर भोलेनाथ की बारात लोक-रंगों के साथ निकलेगी—ढोल-नगाड़े, पारंपरिक वेशभूषा और नाट्य-झांकियां आकर्षण रहेंगी। अलग-अलग प्रदेशों की झलक दिखाने वाली झांकियों में शिव-विवाह, देव-गण और लोक-कलाओं का संगम दिखेगा। आयोजकों के अनुसार, (Durg Bhilai Shiv Barat) में हज़ारों कलाकारों की सहभागिता से यह दृश्यावली यादगार बनेगी।
वार्ड-स्तर पर रंग-रोगन, रोशनी और सफाई अभियान
शहर के हर वार्ड में मंदिर परिसरों का जीर्णोद्धार, रंग-रोगन और लाइटिंग फोकस पर है। नगर प्रशासन ने सफाई कर्मियों की अतिरिक्त शिफ्ट लगाकर घाटों, मार्गों और मंदिर-परिसरों की साफ-सफाई कराई है। यह पहल (Temple makeover Durg Bhilai) के तहत त्योहार से पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित माहौल मिले।
रूट-प्लान, समय-सारिणी और श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी
बारात और मुख्य कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक-डायवर्जन रहेगा, इसलिए आयोजकों ने वैकल्पिक मार्गों का नक्शा सार्वजनिक किया है। परिवारों के लिए सुबह दर्शन, शाम को सांस्कृतिक मंच और रात में आरती की समय-सारिणी तय की गई है। प्रशासन का कहना है कि (Mahashivratri Durg Bhilai) के दौरान संयम, अनुशासन और स्वच्छता ही उत्सव की सुंदरता बढ़ाएंगे।




