सीजी भास्कर, 18 फरवरी| ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और पंचायतों को अधिक अधिकार देने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम निर्णय (Mahatari Sadan CG Scheme) लिया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर अब महतारी सदनों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों को ही क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।
यह निर्णय लंबे समय से जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुरूप लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों की भूमिका और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेंगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए सशक्त मंच मिलेगा।
महिलाओं के लिए बहुउद्देश्यीय केंद्र बनेंगे महतारी सदन
महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के लिए बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह (SHG) की गतिविधियों और आजीविका संवर्धन का केंद्र होंगे। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर संगठित होकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
तय हुई स्पष्ट कार्यप्रणाली
विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शिका के अनुसार –
प्रशासकीय स्वीकृति जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा दी जाएगी।
तकनीकी मार्गदर्शन ग्रामीण यांत्रिकी सेवा प्रदान करेगी।
स्वीकृति के बाद एक माह के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ करना अनिवार्य होगा।
6 से 8 माह के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करना संबंधित ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होगी।
कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट प्रत्येक माह की 5 तारीख तक संचालक पंचायत, संचालनालय छत्तीसगढ़ को भेजनी होगी।
साथ ही कार्यों में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा मानक डिज़ाइन और प्राक्कलन भी तैयार (Mahatari Sadan CG Scheme) किया गया है।
368 महतारी सदनों के लिए 100 करोड़ की स्वीकृति
राज्य में 368 महतारी सदनों के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। प्रति महतारी सदन 30 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है और यह राशि पूर्णतः राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी।
अब तक 137 महतारी सदनों का निर्माण कार्य पूर्ण (Mahatari Sadan CG Scheme) हो चुका है, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं।
इस पहल को ग्रामीण स्वशासन को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण योजना के रूप में देखा जा रहा है। पंचायतों को सीधे क्रियान्वयन एजेंसी बनाने से निर्माण कार्यों में तेजी और स्थानीय भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।





