सीजी भास्कर, 15 दिसंबर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन आज बेहद अहम माना जा रहा है। प्रश्नकाल के दौरान सदन का रुख गर्म रहने (Mahtari Vandan Scheme) के संकेत हैं, क्योंकि ऊर्जा विभाग, महतारी वंदन योजना और खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने होंगे। इन विषयों पर पूछे जाने वाले सवाल न सिर्फ सरकार की नीतियों की परीक्षा लेंगे, बल्कि राजनीतिक तकरार को भी नई धार दे सकते हैं।
ऊर्जा विभाग से जुड़े मामलों में बिजली आपूर्ति की स्थिति, ग्रामीण इलाकों में बार-बार खराब होने वाले ट्रांसफॉर्मर, लाइन लॉस और प्रस्तावित नई परियोजनाओं को लेकर सरकार की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष बिजली कटौती, बढ़ते बिल और बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की रणनीति में है, वहीं सत्तारूढ़ दल अपनी योजनाओं और सुधारों का ब्यौरा पेश करने की तैयारी में नजर आ रहा है।
महिलाओं से जुड़ी महतारी वंदन योजना भी आज सदन में चर्चा का केंद्र रहेगी। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, पात्रता मानकों, भुगतान में कथित देरी और लाभार्थियों की वास्तविक संख्या जैसे सवाल उठाए जा सकते हैं। विपक्ष योजना के क्रियान्वयन में सामने (Mahtari Vandan Scheme) आ रही दिक्कतों को उजागर करने की कोशिश करेगा, जबकि सरकार इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम बताते हुए जवाब देगी।
खनिज संसाधनों के मुद्दे पर भी बहस तेज होने के आसार हैं। खनन पट्टों की प्रक्रिया, रॉयल्टी वसूली, अवैध खनन और खनिज क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार जैसे विषयों पर विपक्ष सरकार से स्पष्ट जवाब चाहता है। खनिज राजस्व में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा सकते हैं, जिससे सदन का माहौल और गरमाने की संभावना है।
नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में चल रहे इस पेपरलेस सत्र में आज का दिन पहले दिन की तुलना में ज्यादा हलचल भरा रहने (Mahtari Vandan Scheme) की उम्मीद है। जहां पहले दिन विजन-2047 पर चर्चा और विपक्ष के बहिष्कार के चलते सदन अपेक्षाकृत शांत रहा, वहीं आज प्रश्नकाल में तीखी बहस, कटाक्ष और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।


