सीजी भास्कर, 07 मई। छत्तीसगढ़ में गुरुवार सुबह से कई महिलाओं के मोबाइल पर खाते में राशि जमा होने के संदेश आने लगे। गांवों से लेकर शहरों तक महिलाएं एक दूसरे से पूछती नजर आईं कि किस्त आ गई क्या। बैंक और ग्राहक सेवा केंद्रों के बाहर भी जानकारी लेने वालों की भीड़ दिखाई दी।
कई महिलाओं ने राहत जताई तो कुछ ऐसी भी रहीं जिनके मोबाइल पर संदेश (Mahtari Vandan) नहीं पहुंचा। इसके बाद भुगतान की स्थिति देखने और ई केवाईसी को लेकर चर्चा तेज हो गई। योजना की नई किस्त जारी होने के साथ अब जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
27वीं किस्त की राशि जारी (Mahtari Vandan)
राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना की 27वीं किस्त जारी कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के दौरान राजनांदगांव प्रवास में योजना की राशि जारी की।
इस दौरान प्रदेश की 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी गई। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 642 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम लाभार्थियों तक पहुंचाई गई है।
महिलाओं की आर्थिक मदद का आधार Mahtari Vandan
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद कर रही है। योजना के जरिए महिलाएं परिवार की जरूरतों में सहयोग करने के साथ साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।
ऐसे देख सकते हैं भुगतान की जानकारी
जिन महिलाओं के मोबाइल पर राशि आने का संदेश नहीं पहुंचा है, वे ऑनलाइन भी भुगतान की स्थिति देख सकती हैं। इसके लिए सबसे पहले महतारी वंदन योजना के पोर्टल पर जाना होगा। वहां आवेदन एवं भुगतान स्थिति वाले विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करने पर भुगतान से जुड़ी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी। लाभार्थी मोबाइल ऐप के जरिए भी किस्त की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।
ई केवाईसी प्रक्रिया पर जोर
योजना का लाभ बिना रुकावट मिलता रहे इसके लिए ई केवाईसी प्रक्रिया भी तेजी से कराई (Mahtari Vandan) जा रही है। यह प्रक्रिया 3 अप्रैल से शुरू हुई है और 30 जून तक जारी रहेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी हितग्राही महिलाओं से जल्द प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है।
केवाईसी नहीं होने पर अटक सकती है किस्त
सरकार ने साफ किया है कि जिन लाभार्थियों का ई केवाईसी अपडेट नहीं होगा उन्हें आने वाली किस्त मिलने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा गया है ताकि भविष्य में भुगतान अटकने की स्थिति न बने।


