सीजी भास्कर, 29 नवंबर। रायगढ़ जिले में धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में जिले के मुकडेगा धान उपार्जन केंद्र के सहायक समिति प्रबंधक तेलूराम सिदार को लगातार अनुपस्थित रहने तथा खरीदी कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि (Manager Suspended) प्रणाली के दौरान किसी भी प्रकार की ढिलाई या गैर-हाजिरी को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
निरीक्षण में पाया गया कि प्रबंधक कई दिनों से केंद्र पर उपस्थित नहीं थे, जिसके कारण धान तौल, पंजीयन और खरीदी प्रक्रिया बाधित हो रही थी। किसानों द्वारा समय पर खरीदी नहीं होने की शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुंचीं, जिसके बाद जांच में तथ्य सही पाए जाने पर तत्काल निलंबन आदेश जारी किया गया। एस्मा एक्ट 1979 के तहत धान खरीदी को आवश्यक सेवा घोषित किया गया है, इसलिए कर्मचारियों के लिए बिना अनुमति अवकाश पूर्णतः प्रतिबंधित है।
प्रशासन ने सभी उपार्जन केंद्रों को निर्देशित किया है कि खरीदी अवधि में प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहें। उपार्जन केंद्रों पर भीड़ बढ़ने और खरीदी को लेकर किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कहा है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसलिए राज्य में संचालित (Manager Suspended) व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने हेतु कड़ाई अनिवार्य है।
कलेक्टर कार्यालय ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में धान खरीदी से जुड़ी व्यवस्थाओं की और भी सघन निगरानी की जाएगी। यह निलंबन कार्रवाई कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ाने और उपार्जन केंद्रों पर अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य यह है कि किसानों को बिना किसी परेशानी के धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया का लाभ मिल सके।




