सीजी भास्कर, 9 जनवरी। रामायण चौक, शिक्षक नगर, कोहका, भिलाई (जिला-दुर्ग, छत्तीसगढ़) में माँ सरस्वती पूजा एवं रामायण उत्सव समिति तथा समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त सहयोग से दो दिवसीय (Manas Gaan Competition Bhilai) का भव्य और गरिमामयी आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन अपने निरंतर प्रयासों और जनसहभागिता के कारण अब छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बनता जा रहा है। धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत यह आयोजन मानस प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
आयोजन का शुभारंभ 9 जनवरी 2026, शुक्रवार को शाम 4:00 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया जाएगा। इसके उपरांत प्रतियोगिता का क्रम 10 जनवरी 2026, शनिवार एवं 11 जनवरी 2026, रविवार को विधिवत संपन्न होगा। आयोजकों के अनुसार, आधुनिक जीवन की भागदौड़ और भौतिक सुख-साधनों की मृगतृष्णा में उलझे मानव समाज को सच्चा मानसिक शांति और आनंद भगवान राम की कृपा तथा रामचरितमानस के सत्संग से ही प्राप्त हो सकता है। इसी उद्देश्य को लेकर (Manas Gaan Competition Bhilai) का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों की प्रतिष्ठित मानस मंडलियाँ भाग लेंगी। पुरुष एवं महिला वर्ग के लिए पृथक-पृथक पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। पुरुष वर्ग में प्रथम पुरस्कार ₹1501, द्वितीय ₹1301, तृतीय ₹1101 एवं चतुर्थ ₹901 रखा गया है, जबकि महिला वर्ग में प्रथम ₹1501, द्वितीय ₹1301 तथा तृतीय ₹1101 का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। साथ ही संगीत, व्याख्या, तबला, बैन्जो एवं हारमोनियम के लिए ₹151-₹151 के विशेष पुरस्कार भी तय किए गए हैं। प्रत्येक भाग लेने वाली मानस मंडली को समिति द्वारा नगद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रतियोगिता हेतु प्रवेश शुल्क ₹101 निर्धारित है, जिससे (मानस गान प्रतियोगिता भिलाई) में सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
निर्णायक मंडल में व्याख्या पक्ष से गुवालचंद सिन्हा (आर्यनगर, कोहका) एवं संगीत पक्ष से कमल नारायण वर्मा (ग्राम-ओमा, बोरी) अपनी भूमिका निभाएंगे। मंच संचालन पवन कुमार सिन्हा (ग्राम-मकरनपुर) द्वारा किया जाएगा। समिति के संरक्षक भावेश साहू ने बताया कि दुर्ग, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कांकेर, अभनपुर, नगरी और आरंग सहित अनेक जिलों की प्रसिद्ध मानस मंडलियाँ, विशेषकर महिला मंडलियाँ, (मानस गान प्रतियोगिता भिलाई) में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ देंगी।
आयोजक समिति ने समस्त धर्मानुरागी नागरिकों, श्रद्धालुओं और मानस प्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर (Manas Gaan Competition Bhilai) के माध्यम से सत्संग का लाभ लें और इस पावन आयोजन को सफल बनाएं।


