Mandir Hadsud Mining Raid : आरंग विधानसभा क्षेत्र के मंदिर हसौद इलाके में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। सहायक खनिज अधिकारी उमेष भार्गव के नेतृत्व में विभाग की टीम ने अचानक दबिश देकर क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। इस कार्रवाई के दौरान न केवल अवैध रूप से संचालित खदानों को बंद कराया गया, बल्कि परिवहन में लगे भारी वाहनों को भी कब्जे में लिया गया।
दस्तावेज मिले अधूरे, इन खदानों पर लगा ताला
जांच के दौरान टीम ने पाया कि खदान संचालकों के पास संचालन के लिए आवश्यक वैधानिक दस्तावेज और अनुमतियां पूरी नहीं थीं। नियमों के उल्लंघन और राजस्व की चोरी को देखते हुए विभाग ने निम्नलिखित दो प्रमुख चूना पत्थर (क्रेशर) खदानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है:
- सीजी एग्रो फार्म (विपिन अग्रवाल एवं के.सी. अग्रवाल), मंदिर हसौद।
- जय कुमार बजाज की खदान, मंदिर हसौद।
7 हाइवा जब्त, राजस्व चोरी पर लगाम
सड़क पर उतरकर टीम ने खनिज के अवैध परिवहन पर भी सख्त कार्रवाई की। जांच के दौरान 7 हाइवा वाहनों को रोका गया, जो बिना वैध रायल्टी पर्ची और दस्तावेजों के खनिज ले जा रहे थे।
- जब्त किए गए वाहनों में 1 हाइवा रेत से लदा था।
- अन्य 6 हाइवा गिट्टी (स्टोन) से भरे हुए थे। इन सभी वाहनों को जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया है और संचालकों पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
ऑनलाइन पोर्टल से होगी अब हर खदान की निगरानी
खनिज विभाग के संचालक रजत बंसल के कड़े रुख के बाद अब पूरे प्रदेश में खदानों का संचालन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य कर दिया गया है। सहायक खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध उत्खनन पर लगाम लगेगी।
“अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ हमारा अभियान थमेगा नहीं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उमेश भार्गव, सहायक खनिज अधिकारी
इस कार्रवाई से आरंग और मंदिर हसौद क्षेत्र के खनिज माफियाओं में हड़कंप का माहौल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शासन को राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


