सीजी भास्कर 5 फ़रवरी छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। माओवादियों के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इस इलाके में Maoist Arms Dump Recovery के तहत जवानों ने हथियारों का छिपाया गया डंप बरामद कर नक्सलियों की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। इलाके में लगातार दूसरे दिन भी ऑपरेशन जारी रहा।
सर्चिंग के दौरान मिला हथियारों का जखीरा
जानकारी के मुताबिक, इलाके में सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन के लिए निकले सुरक्षाबलों को गोगुंडा पहाड़ी के दूसरे छोर पर संदिग्ध गतिविधि के संकेत मिले। तलाशी के दौरान वहां जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया माओवादियों का हथियार डंप सामने आया। Maoist Arms Dump Recovery के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए।
5 किलो का IED मौके पर किया गया निष्क्रिय
बरामद सामग्री में 5 किलो वजनी शक्तिशाली आईईडी भी शामिल था, जिसे जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाया गया था। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही सूझबूझ और सावधानी के साथ विस्फोटक को निष्क्रिय कर दिया। Maoist Arms Dump Recovery से एक बड़ी जनहानि टल गई।
स्मारक गिराए जाने के बाद बढ़ा दबाव
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सुरक्षाबलों ने इलाके में बने माओवादी कमांडर रमन्ना के 20 फीट ऊंचे स्मारक को ध्वस्त किया था। इसके बाद से ही क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। Maoist Arms Dump Recovery ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षाबल अब इलाके पर पूरी तरह नियंत्रण की ओर बढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों में लौटा भरोसा
सालों से नक्सल खौफ में जी रहे गोगुंडा और आसपास के गांवों में अब माहौल बदलता नजर आ रहा है। लगातार हो रही कार्रवाई से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। Maoist Arms Dump Recovery को इलाके में शांति की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
विकास की राह होगी आसान
लगभग चार दशक बाद इस क्षेत्र में सुरक्षाबलों के स्थायी कैंप स्थापित होने के बाद सड़क, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पूरे इलाके को नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं कर दिया जाता।




