राजधानी के मरीन ड्राइव क्षेत्र में लागू किए गए पार्किंग शुल्क को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने इसे जनविरोधी निर्णय बताते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम पर आरोप लगाया कि बिना समुचित पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराए शुल्क वसूला जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को उन्होंने Marine Drive Parking Fee Protest का नाम देते हुए इसे जनता की आवाज बताया।
सुविधा पहले या शुल्क पहले?
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सवाल उठाया कि जब व्यवस्थित पार्किंग स्लॉट, संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था ही स्पष्ट नहीं है, तो शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है। उनका कहना था कि तेलीबांधा तालाब और मरीन ड्राइव क्षेत्र आम नागरिकों के लिए विकसित सार्वजनिक स्थल हैं, जहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग टहलने और परिवार के साथ समय बिताने पहुंचते हैं। ऐसे में यह निर्णय एक बड़ा Public Parking Issue बन गया है।
महापौर पर साधा निशाना
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने महापौर पर सीधा हमला बोलते हुए तीखी टिप्पणी की। उनका आरोप था कि नगर निगम सार्वजनिक स्थानों को राजस्व संग्रह का माध्यम बना रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इसे Civic Body Controversy करार देते हुए कहा कि पहले मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए, उसके बाद ही शुल्क लगाने पर विचार होना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पार्किंग शुल्क वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे वाहन खड़ा करना यदि अपराध की श्रेणी में आएगा, तो आम लोगों के पास विकल्प सीमित रह जाएंगे। इसे लेकर Political Reaction भी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष का दावा
प्रदर्शन में शहर के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस का कहना है कि वह शहरवासियों के हितों से जुड़े हर मुद्दे पर आवाज उठाती रहेगी। उनका दावा है कि पार्किंग नीति पर पुनर्विचार कर नागरिकों को राहत दी जानी चाहिए।




