Mass Marriage Raipur : रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत होने जा रहा सामूहिक विवाह आयोजन इस बार केवल शादी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का बड़ा उदाहरण बनेगा। राजधानी में 1316 जोड़े एक साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत करेंगे, जबकि राज्य के अन्य जिलों से हजारों जोड़े ऑनलाइन माध्यम से इस आयोजन से जुड़ेंगे।
प्रदेशभर में एक साथ विवाह संस्कार
इस आयोजन के जरिए पूरे छत्तीसगढ़ में कुल 6,412 से अधिक जोड़ों का विवाह संपन्न होगा। अलग-अलग जिलों में चल रहे कार्यक्रम डिजिटल माध्यम से मुख्य आयोजन से जोड़े जाएंगे, जिससे यह आयोजन राज्यस्तरीय सामाजिक उत्सव का रूप ले लेगा। प्रशासन ने इसे सुव्यवस्थित और गरिमामय बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
मुख्यमंत्री देंगे नवदंपतियों को आशीर्वाद
मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी, जिससे आयोजन का सामाजिक और प्रशासनिक महत्व और बढ़ जाएगा।
कुपोषण मुक्त अभियान की औपचारिक शुरुआत
सामूहिक विवाह मंच से ही राज्य में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान (Malnutrition Free Chhattisgarh) की शुरुआत की जाएगी। पहले चरण में 6 माह से 52 माह तक के करीब 40 हजार कुपोषित बच्चों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इसकी शुरुआत बस्तर संभाग से होगी, जहां बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों को प्राथमिकता दी गई है।
आर्थिक सहयोग और सीधी सहायता
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को कुल 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसमें 35 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे, जबकि 15 हजार रुपये विवाह आयोजन, व्यवस्थाओं और उपहार सामग्री पर खर्च होंगे। यह सहायता आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
अलग-अलग रीति, एक साझा मंच
इस सामूहिक विवाह में सामाजिक विविधता भी साफ नजर आएगी। हिंदू रीति से 6,281 जोड़े, मुस्लिम रीति से 3, ईसाई रीति से 113, बौद्ध रीति से 5 और बैगा समुदाय के 10 जोड़े विवाह सूत्र में बंधेंगे। यह आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सम्मान का जीवंत उदाहरण बनकर उभरेगा।
सामाजिक सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि बेटियों को सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक स्वीकार्यता देना है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजन न केवल आर्थिक बोझ कम करते हैं, बल्कि समाज में समानता और सहभागिता की भावना को भी मजबूत करते हैं।




